नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की कैद: शादी का झांसा देकर भगा ले गया था; खाली मकान में बना रखा था बंधक…

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)// अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत ने शादी का झांसा देकर 17 वर्षीय किशोरी से रेप के दोषी 33 वर्षीय युवक को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी 1 जुलाई 2020 को किशोरी को भगा ले गया था। पुलिस ने पिता की शिकायत पर नाबालिग लड़की को आरोपी के कब्जे से बरामद किया था।
न्यायालय से मिली जानकारी के मुताबिक, जैतपुर शहडोल निवासी धनीराम सिंह (33) मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग को 1 जुलाई 2020 को भगाकर ले गया था। धनीराम सिंह पहले किशोरी के गांव में घूमने आया था, जहां उसकी पहचान उसके साथ हुई थी। नाबालिग को युवक ने अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी करने का झांसा दिया।
नाबालिग भी आरोपी की बातों में आ गई और घर छोड़कर उसके साथ चली गई। आरोपी नाबालिग को अपने चाचा के सूने मकान में ले गया। वहां उसके साथ रेप किया। उसने लड़की को अपने चाचा के घर पर ही रखा हुआ था।
पुसिल ने दर्ज किया था अपराध
मामले में नाबालिग के पिता की शिकायत पर केल्हारी पुलिस ने आरोपी युवक धनीराम सिंह के खिलाफ धारा 363, 366, 376 (2)(एन) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4,6 के तहत अपराध दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को 10 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया, तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। किशोरी को 9 जुलाई 2020 को पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद किया था।
20 वर्ष की सश्रम कारावास
मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायालय, एफटीएससी (पॉक्सो) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित ने शनिवार को मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 साल, धारा 366 में 5 साल, धारा 363 में 2 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों धाराओं में 500-500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।