
सूरजपुर// सूरजपुर पुलिस ने रामानुजनगर थाना क्षेत्र के तिवरागुड़ी-सरनापारा गांव में बोरी में मिले अज्ञात शव के मामले का खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या उसके ही बेटे ने की थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में उसकी मां, मौसा और एक दोस्त ने सहयोग किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
यह मामला 12 जून 2026 को सामने आया था, जब तिवरागुड़ी-सरनापारा गांव में एक बोरी के अंदर अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव के सिर पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। सूचना पर रामानुजनगर पुलिस ने मर्ग कायम कर हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

सोशल मीडिया से हुई मृतक की पहचान
डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का सहारा लिया। जांच के दौरान शव की पहचान चिरमी परसापानी, जिला कोरिया निवासी शिवप्रसाद सिंह के रूप में हुई।
मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस उसकी गतिविधियों और पारिवारिक परिस्थितियों की जांच में जुट गई। जब पुलिस मृतक के घर पहुंची तो कमरे में खून के निशान मिले, जिससे संदेह और गहरा गया।
पूछताछ में बेटे ने कबूला जुर्म
संदेह के आधार पर मृतक के बेटे अमृत लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता अक्सर उसकी मां के साथ मारपीट और विवाद करते थे। इसी बात से परेशान होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 10 जून की रात पिता के गहरी नींद में सो जाने के बाद उसने टांगी और लोढ़ा से हमला कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने मोबाइल बंद कर दिया और अगले दिन अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
शव ठिकाने लगाने में मां, मौसा और दोस्त बने मददगार
हत्या के बाद आरोपी ने अपने मौसा हरवंश सिंह को फोन कर मदद मांगी। इसके बाद शव को बोरी में भरकर बाइक के जरिए तिवरागुड़ी क्षेत्र ले जाया गया। रास्ते में वाहन फंस जाने पर आरोपी ने अपने दोस्त कौशल सिंह उईके को बुलाया, जिसने शव को ठिकाने लगाने में मदद की।
पुलिस के अनुसार, तिवरागुड़ी पहुंचने पर लोगों की आहट सुनाई देने से आरोपियों ने शव को सरनापारा क्षेत्र में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
सबूत मिटाने की भी हुई कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक की पत्नी बीरा बाई ने घर में पड़े खून के निशानों को मिटाने के लिए गोबर से पोताई कर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया था। पुलिस ने इसे भी अपराध में सहयोग माना है।
हत्या में प्रयुक्त हथियार और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी, लोढ़ा, मृतक का मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- अमृत लाल (18) – पुत्र एवं मुख्य आरोपी
- हरवंश सिंह (35) – मौसा
- कौशल सिंह उईके (19) – दोस्त
- बीरा बाई (37) – मृतक की पत्नी
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। रामानुजनगर पुलिस ने महज कुछ दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर मामले का खुलासा कर दिया।

