प्रसव और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती महिला बंदी सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार…ड्यूटी में तैनात महिला प्रहरी सस्पेंड…

सरगुजा// अंबिकापुर के केंद्रीय जेल से प्रसव और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती महिला बंदी सोमवार रात सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई। ऑपरेशन से उसने 24 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया है। रात दो बजे सुरक्षाकर्मियों ने जांच की तो बंदी अपने नवजात बच्चे के साथ गायब मिली। मामले में सेंट्रल जेल अधीक्षक ने ड्यूटी में तैनात महिला प्रहरी को सस्पेंड कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, रामानुजगंज निवासी पूजा गुप्ता (23) को फरवरी 2024 में कफ सिरप के साथ पकड़ी गई थी। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई की गई। मामला रामानुजगंज कोर्ट में विचाराधीन है। जब उसे गिरफ्तार किया गया था, वह गर्भवती थी। उसे रामानजुगंज जेल से फरवरी माह में ही अंबिकापुर सेंट्रल जेल लाया गया था।

सीसीटीवी फुटेज की जांच करते सुरक्षाकर्मी

सीसीटीवी फुटेज की जांच करते सुरक्षाकर्मी

22 अगस्त से थी हॉस्पिटल में भर्ती

जेल प्रबंधन ने पूजा गुप्ता को प्रसव पीड़ा होने पर 22 अगस्त को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया था। वह 8 महीने की गर्भवती थी। 24 अगस्त को उसका ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। बच्चा प्री-मैच्योर होने के कारण उसे एसएनसीयू में रखा गया था। 9 सिंतबर को बच्चे को पूजा गुप्ता को सौंपा गया था।

देर रात बच्चे को लेकर हुआ लापता

अस्पताल में तैनात सुरक्षा प्रहरियों ने रात 12.30 बजे पूजा गुप्ता को बच्चे की मालिश करते हुए देखा गया था। स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उसे रात करीब एक बजे देखा था। वह बाथरूम जाने के बहाने बच्चे को साथ लेकर निकली। इसके बाद वह नहीं लौटी। रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात महिला सुरक्षाकर्मी ने रात दो बजे पूजा गुप्ता और बच्चे को नहीं देखा तो उनकी तलाश शुरू की गई।

सरगुजा एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ने बताया कि, सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, लेकिन पूजा गुप्ता का पता नहीं चला। मामले में मणिपुर पुलिस ने धारा 265 बीएनएस एक्ट का अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने पूजा गुप्ता के फरार होने की जानकारी रामानुजगंज पुलिस को दे दी गई है।

जेल प्रहरी को किया गया निलंबित

जेल अधीक्षक योगेंद्र सिंह क्षत्रिय ने बताया कि मामले में ड्यूटी में तैनात महिला जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है। घटना की जानकारी पुलिस को रात में ही दे दी गई थी।