कोण्डागांव : उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में असाक्षरों की पहचान हेतु विशेष सर्वे अभियान शुरू

  • 15 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने का लक्ष्य

कोण्डागांव,(CITY HOT NEWS)//

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारत सरकार द्वारा संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में व्यापक स्तर पर असाक्षर व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन वयस्कों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं।
उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत केवल बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान ही नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता, व्यावसायिक कौशल तथा बुनियादी शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख अभियान है।
राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने 09 जून 2026 को आयोजित जिला स्तरीय समय-सीमा बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षर व्यक्तियों की पहचान कर उनका सर्वेक्षण एवं पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विकासखंडों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर तथा घर-घर संपर्क के माध्यम से कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने पंचायत प्रतिनिधियों, शासकीय एवं अशासकीय विभागों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा कर्मियों, एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से असाक्षरों की पहचान का कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आगामी सितंबर 2026 में आयोजित होने वाली महापरीक्षा में पात्र सभी असाक्षर व्यक्तियों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी 15 वर्ष से अधिक आयु का नागरिक शिक्षा से वंचित न रहे तथा सभी को साक्षर बनाकर आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनाया जा सके।

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