पत्नी ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर पति के साथ किया धोखा… पति के 23 लाख चुराए, भाई को दिए…जमीन अपने नाम करने का बनाया दबाव…

रायगढ़// छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पत्नी ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर अपने पति के साथ धोखा किया। साथ ही प्रताड़ित भी किया। पीड़ित पति ने इसकी शिकायत थाने में की।

शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पीड़ित की पत्नी और साले को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार ससुर की तलाश जारी है।

शिकायत के अनुसार, पत्नी पर आरोप है कि वह अपने पति की कमाई के पैसे अपने छोटे भाई को देती रही, जब पति को शक हुआ तो उसने घर में CCTV कैमरे लगवाए, इसमें पता चला कि पैसे साले के बैंक खाते में जमा किए जा रहे हैं।

बाद में करीब 22 लाख 63 हजार रुपए के लेन-देन का मामला सामने आया। जब पति ने पैसे वापस मांगे तो उसे साफ मना कर दिया गया। वहीं पत्नी उस पर आत्महत्या की धमकी देकर दबाव बनाने लगी। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है।

धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने पीड़ित की पत्नी और साले को गिरफ्तार कर लिया है।

धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने पीड़ित की पत्नी और साले को गिरफ्तार कर लिया है।

पत्नी ने की झूठी शिकायत

इसके अलावा पति का कहना है कि 2022 में जमीन खरीदने के दौरान उस पर दबाव बनाकर जमीन पत्नी के नाम करवा ली गई थी। जब उसी जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया।

अब कंपनी ​के अधिग्रहण के तहत 8 से 9 करोड़ रुपए के मुआवजे के दायरे में आ गया है। पीड़ित का कहना है कि लालच में आकर साले और ससुर ने पत्नी से उसकी बाकी संपत्ति को अपने नाम से करने के लिए दबाव बनाया, जिसे पत्नी के नाम करने से मना कर दिया।

बाद में पत्नी ने थाने में पति के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।

दोनों ने लव मैरिज की थी

जानकारी के अनुसार, अप्रैल महीने में वार्ड क्रमांक 5 छाल रोड, घरघोड़ा के पिंगल कुमार बघेल (41) ने एसपी ऑफिस में अपनी पत्नी सीमा बघेल, ससुर भरत लाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव के खिलाफ शिकायत की थी।

इस शिकायत की जांच SDOP धरमजयगढ़ ने की। जांच के दौरान पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फेब्रिकेशन और सेंट्रिंग का व्यवसाय करता है। पिंगल ने बताया कि उसने मार्च 2008 में सीमा बघेल से लव मैरिज की थी।

कोरबा के आर्य समाज में हिंदू रीति-रिवाज से उसने शादी की थी। शुरुआती दिनों में उनका वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था। साल 2010 में बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का उसके घर आना-जाना बढ़ गया।

पारिवारिक मामले में दखल देते थे ससुराल वाले

इसके बाद धीरे-धीरे उसके ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव (39) पारिवारिक और आर्थिक मामलों में दखल देने लगे। पिंगल ने यह भी बताया कि अपने व्यवसाय के लिए उसने 2010 से कई बार लोन लिया है।

उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, घरघोड़ा शाखा से करीब 6 बार और श्रीराम फाइनेंस से 4 बार कर्ज लिया है।

जांच के बाद घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

जांच के बाद घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

पति की कमाई भाई को देती रही

शिकायत के मुताबिक, पिंगल रोज अपने व्यवसाय से मिलने वाली बिक्री की रकम अपनी पत्नी सीमा बघेल को दे देता था, लेकिन इसका कोई लिखित हिसाब नहीं रखता था।

पिंगल ने बताया कि इसी का फायदा उठाकर उसकी पत्नी उसकी गैरमौजूदगी में घर की अलमारी से पैसे निकालकर अपने छोटे भाई कृष्ण कुमार यादव को देती रही। इस बात पर पिंगल को शक होने लगा।

CCTV कैमरे से चोरी पकड़ी गई

इसके बाद पिंगल ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। उसने बताया कि उसे पता चला कि जो पैसे घर से गायब हो रहे थे, उन्हें उसका साला कृष्ण कुमार यादव अपने भारतीय स्टेट बैंक, घरघोड़ा शाखा के खाते में जमा करता था।

जब पिंगल ने इस बारे में उससे पूछताछ की और बैंक स्टेटमेंट मांगा, तो वह बार-बार टालमटोल करने लगा। इसके बाद पिंगल ने यह बात अपने ससुर भरत लाल यादव को बताई, लेकिन उन्होंने भी मदद करने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की।

22 लाख 63 हजार के लेन-देन की जानकारी मिली

इसके बाद जब पिंगल ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर दबाव बनाया, तो उसके ससुर भरत लाल यादव ने उसके साले कृष्ण कुमार यादव का बैंक स्टेटमेंट उसे दिया।

उस स्टेटमेंट में करीब 22 लाख 63 हजार रुपए का लेन-देन सामने आया। जब पिंगल ने यह पैसे वापस मांगे, तो उसकी पत्नी, ससुर और साले ने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद उसकी पत्नी उसे आत्महत्या की धमकी देकर प्रताड़ित करने लगी। इन धमकियों की वजह से पिंगल मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया।

जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाई

उसने बताया कि साल 2022 में वह ग्राम कुंजेमुरा में 30 डिसमिल जमीन खरीदना चाहता था। जब इसकी जानकारी उसकी पत्नी को हुई, तो उसने उस जमीन को अपने नाम से खरीदने के लिए दबाव बनाया।

जब पिंगल ने मना किया, तो उसने कीटनाशक दवा मंगवाकर फिर से आत्महत्या की धमकी देने लगी। इसके बाद उसने मजबूरी में उस जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी सीमा के नाम पर करा दी।

मुआवजा मिलने की संभावना से बढ़ा लालच

उसने बताया कि उस जमीन पर उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, घरघोड़ा शाखा से 9 लाख 50 हजार रुपए और श्रीराम फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से 19 लाख रुपए का लोन लिया था। साथ ही अपनी जमा पूंजी भी लगाकर उस पर दो मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनवाया।

अब यह जमीन और भवन एक औद्योगिक कंपनी के अधिग्रहण क्षेत्र में आ गया है, जिसके बदले लगभग 8 से 9 करोड़ रुपए तक मुआवजा मिलने की संभावना है।

ससुराल पक्ष ने षडयंत्र रचकर घटना को दिया अंजाम

उसने बताया कि इसी लालच में उसके ससुर, साले और पत्नी ने मिलकर एक साजिश की और उसकी बाकी संपत्तियों को भी अपने नाम कराने के लिए दबाव डालने लगे।

पिंगल ने कहा कि जब उसने अपनी संपत्ति उनके नाम करने से मना किया, तो उसकी पत्नी ने थाने में उसके खिलाफ मारपीट और प्रताड़ित की झूठी शिकायत दर्ज कराई।

इससे वह काफी मानसिक रूप से परेशान हो गया। उसने इस मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की।

जांच में शिकायत को सही पाया गया

जांच में पाया गया कि सीमा, कृष्ण कुमार यादव और भरत लाल यादव ने मिलकर पिंगल को मानसिक रूप से परेशान करने की योजना बनाई थी। जांच के बाद पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन पर बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

पत्नी और साला गिरफ्तार

पुलिस टीम ने 4 जून 2026 को आरोपी सीमा बघेल (41) और कृष्ण कुमार यादव (39) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मामले में सबूत मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर को्र्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

आर्थिक अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत- SSP

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में शामिल लोगों को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की प्राथमिकता है।

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