
- ’अब दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति, मिनटों में बन रहे राशन, आधार और आयुष्मान कार्ड’
रायपुर (CITY HOT NEWS)//

सिंगल विंडो (एकल खिड़की) प्रणाली और डिजिटल गवर्नेंस के संयोजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन (ळववक ळवअमतदंदबम) और ईज ऑफ लिविंग (जीवन सुगमता) में युगांतरकारी परिवर्तन लाए हैं। यह पहल ग्रामीण आबादी को प्रशासनिक जटिलताओं से मुक्त कर सीधे विकास से जोड़ रही है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सिंगल विंडो के माध्यम से यह प्रक्रिया घर के पास या ऑनलाइन हो गई है।
छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल जिला सुकमा में प्रशासन की “सिंगल विंडो” व्यवस्था ने जनसेवा की नई इबारत लिखी है। कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित इस अनूठी सुविधा ने दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों की राह आसान कर दी है। अब ग्रामीणों को अपने जरूरी शासकीय दस्तावेजों के लिए अलग-अलग कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती, बल्कि एक ही छत के नीचे उनकी सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है।
’भरोसे का केंद्र बनी नई व्यवस्था’
इस जन-हितैषी व्यवस्था का शुभारंभ सुकमा जिले में प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। तब से यह केंद्र आम नागरिकों के लिए श्भरोसे का केंद्रश् बन चुका है। यहाँ राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जा रही हैं।
’मुचाकी देवे की मुस्कान, बदलाव का जीवंत प्रमाण’
पुनर्वास केंद्र से आईं मुचाकी देवे इस बदलाव की प्रत्यक्ष गवाह हैं। उन्हें सिंगल विंडो केंद्र में तत्काल नया राशन कार्ड प्रदान किया गया। मुचाकी ने खुशी जाहिर करते हुए बताया, पहले एक कार्ड के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज यहाँ चंद मिनटों में मेरा काम हो गया। उनके साथ आए अन्य नागरिकों को भी तत्काल आधार और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं।
’दूरस्थ अंचलों तक पहुँच रहा लाभ’
जिला मुख्यालय सुकमा से 41 किमी दूर मेकावाया गांव की कवासी रेशमा ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अब बेहद सरल हो गई है। केंद्र में तैनात कर्मचारी आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज प्राप्ति तक ग्रामीणों का पूरा सहयोग करते हैं, जिससे अनपढ़ और भोले-भाले ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होती।
’कलेक्टर की पहल समय और धन की बचत’
सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन की सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा सिंगल विंडो व्यवस्था से ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। अब उन्हें एक काम के लिए बार-बार शहर आने की जरूरत नहीं पड़ती।
’सुशासन के संकल्प की सिद्धि’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए इस केंद्र ने अब तक 3 हजार 620 से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया है। अकेले मंगलवार को ही 67 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया। सुकमा का यह सिंगल विंडो मॉडल आज जनसेवा की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। यह न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का जरिया भी बना है।

