
- वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक से बढ़ा मुनाफा
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नंगूटोला के प्रगतिशील किसान जाहिद अंसारी इसकी एक मिसाल हैं। नैनो उर्वरक के वैज्ञानिक उपयोग और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी खेती को अधिक लाभकारी और उत्पादक बना लिया है।
करीब सात एकड़ भूमि में खेती करने वाले जाहिद अंसारी खरीफ सीजन में धान तथा रबी सीजन में चना और गेहूं की खेती करते हैं। खेती को आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए वे नियमित रूप से कृषि विभाग की सलाह लेते हैं तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रेंगाडबरी से उन्नत बीज और आवश्यक उर्वरक प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज प्राप्त कर लिया, जिससे खेती की तैयारियां सुचारु रूप से पूरी हो सकीं। खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का उपयोग किया। इसका प्रभाव फसलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
उनके अनुसार नैनो उर्वरक के प्रयोग से धान, चना और गेहूं की फसलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही प्रति एकड़ उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। कम मात्रा में अधिक प्रभाव देने वाले नैनो उर्वरक ने खेती की लागत को नियंत्रित रखने में भी मदद की है, जिससे उनकी आय में सकारात्मक बढ़ोतरी हुई है।
जाहिद अंसारी का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। वे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी पारंपरिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक के उपयोग की सलाह देते हैं, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
वे छत्तीसगढ़ शासन की कृषक उन्नति योजना को भी किसानों के लिए बेहद उपयोगी बताते हैं। उनके अनुसार धान का बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य और योजना के तहत प्राप्त अतिरिक्त राशि ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। वे इस अतिरिक्त आय का उपयोग खेती में नई तकनीकों और बेहतर संसाधनों के प्रयोग के लिए कर रहे हैं।

