बिलासपुर// छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्नेक बाइट से फर्जी मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने सिम्स में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने दो मामलों में स्नेक बाइट से मौत की फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की थी। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और स्नेक बाइट से मौत होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी।
इसी आधार पर पुलिस ने 18 जुलाई को फरार चल रही डॉक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बता दें कि इससे पहले इस मामले में दो मृतकों के रिश्तेदार और एक वकील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा स्नेक बाइट के 15 मामलों की जांच के दायरे में 4-5 और डॉक्टर भी हैं।
रिश्तेदार और वकील पहले ही जा चुके हैं जेल
इन दोनों मामलों में मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी और वकील रंजीत कुमार चतुर्वेदी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे वकील श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है।
सिविल लाइन थाने में भी दर्ज है मामला
डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को उन्होंने स्नेक बाइट बताया था, जबकि जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक निकला।
इस मामले में पवन यादव की पत्नी और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। सिविल लाइन पुलिस अब जेल से प्रोडक्शन वारंट पर डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
2 दिन पहले 4 आरोपी गिरफ्तार
16 जुलाई को सरकंडा थाना पुलिस ने फर्जी स्नेक बाइट के पांच मामलों में कार्रवाई करते हुए वकील हीराप्रसाद खाण्डेकर, बैंककर्मी कुशकुमार गुप्ता, कथित वकील महेन्द्र कुमार और तहसीलदार के दैनिक वेतनभोगी चालक गोविंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
एक साल पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
साल 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई एक मौत को स्नेक बाइट बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का पहला मामला सामने आया था। उस मामले में भी डॉ. प्रियंका सोनी, मृतक के परिजन और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
कई डॉक्टर जांच के दायरे में
पुलिस के मुताबिक जिले में फर्जी स्नैक बाइट से मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के 15 मामलों की जांच चल रही है। सभी मामलों की समीक्षा कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जांच के दायरे में सिम्स के 4 से 5 डॉक्टर भी हैं, जिन पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का संदेह है। कुछ डॉक्टरों से पूछताछ की जा चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

