
सक्ती (CITY HOT NEWS)//
जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। इसी कड़ी में सक्ती विकासखंड के ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री गुलाबचंद राठौर ने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री राठौर ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिससे उन्हें संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए। उनके अनुसार पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया का परिवहन और उपयोग अधिक आसान है। इसकी छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है, जिससे समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च की बचत होती है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की समय पर उपलब्धता से फसलों को आवश्यक पोषण सही समय पर मिल जाता है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ती है। साथ ही सेवा सहकारी समिति में इस वर्ष शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी खाद भी उपलब्ध है, उन्हें भी शासन के मानक अनुरूप यूरिया डीएपी खाद प्राप्त हुआ है। श्री गुलाबचंद राठौर का कहना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर खेती को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।

