रायपुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिल रहा नया जीवन

  • 24 गंभीर रूप से बीमार बच्चों का चिन्हांकन, 11 का सफल उपचार
  • जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित पीवीटीजी बालिका का होगा निःशुल्क इलाज

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और चिरायु योजना के माध्यम से प्रदेश में जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर पहचान कर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और उनका भविष्य सुरक्षित हो रहा है।

इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में वर्ष 2026 के दौरान अब तक 24 बच्चों को विभिन्न जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों से चिन्हांकित किया गया है। इनमें से 11 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कराया जा चुका है, जबकि 13 अन्य बच्चों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए राज्य के विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में भेजने की प्रक्रिया जारी है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकासखंड शंकरगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवार की चार वर्षीय बालिका बाती रेंगची कोरवा को जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित पाए जाने पर चिरायु योजना के अंतर्गत उपचार के लिए चयनित किया गया है। बालिका को विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा जाएगा, जहां उसका निःशुल्क इलाज कराया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था सहित सभी जरूरी औपचारिकताओं में परिवार की सहायता की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार आरबीएसके और चिरायु योजना के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ और विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे अनेक बच्चों को नया जीवन और बेहतर भविष्य मिल रहा है।

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