इस साल 9 करोड़ नौकरियां पैदा करेगी टूरिज्म इंडस्ट्री: देश में बढ़ रहा मेडिकल, वेलनेस, आध्यात्मिक और एडवेंचर टूरिज्म सेगमेंट…

नई दिल्ली// देश की टूरिज्म इंडस्ट्री में इस साल 8.8 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) में इस इंडस्ट्री का 11.48 लाख करोड़ रुपए (5%) का योगदान होगा। कुल नौकरियों में इस सेक्टर की 13% हिस्सेदारी है। अगले दशक में भारत में मेडिकल, वेलनेस, आध्यात्मिक, बिजनेस ट्रैवल के साथ एडवेंचर टूरिज्म सेगमेंट में वृद्धि होगी। डिजिटल पेमेंट कंपनी वीसा और प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म ईवाई की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है।

विदेशी सैलानियों का खर्च 26 गुना ज्यादा
‘चार्टिंग दी कोर्स फॉर इंडिया: टूरिज्म मेगाट्रेंड्स अनपैक्ड’ नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में विदेशी सैलानी घरेलू पर्यटकों से 26 गुना ज्यादा खर्च करते हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर ट्रैवल इंडस्ट्री के 2023 में कोविड के असर से पूरी तरह रिकवर होने की उम्मीद है। इस साल ये प्री-कोविड लेवल के 85-95% तक पहुंच जाएगी। इसका बड़ा फायदा भारत को भी मिलेगा।

लेकिन विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने पर सरकारी खर्च तेजी से घट रहा

वित्त वर्षराशि (करोड़ रु.)गिरावट (%)
2021-22524
2022-2334134.9
2023-2416751.0

तीर्थस्थलों के विकास पर खर्च 67% बढ़ा

वित्त वर्षराशि (करोड़ रु.)बढ़ोतरी (%)
2022-23150
2023-2425066.7

2023 के आम बजट में टूरिज्म के लिए 2,400 करोड़ रुपए का आवंटन

  • केंद्र ने 2023 के बजट में विदेश में प्रमोशनल एक्टिविटी पर खर्च में 50% कटौती की।
  • इस साल टूरिज्म बजट से 50% ज्यादा स्वदेश दर्शन स्कीम के लिए आवंटित किया गया है।
  • 2023 के बजट में टूरिज्म के लिए बिना किसी बदलाव के 2,400 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • लंदन, टोक्यो, बीजिंग, दुबई, सिंगापुर और न्यूयॉर्क जैसे 7 बड़े शहरों में टूरिज्म ऑफिस बंद कर चुका है पर्यटन मंत्रालय।
  • मंत्रालय इन जगहों पर दूतावासों में यह काम गृह मंत्रालय के कर्मचारियों से करवाएगा।
  • इसके बावजूद 2030 तक देश में 2.5 करोड़ पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा गया है