अमेरिकी टीवी होस्ट टकर कार्लसन ने छोड़ा फॉक्स न्यूज: 2020 के राष्ट्रपति चुनाव पर सवाल उठाए थे, भारत पर अंग्रेजी हुकुमत की तारीफ कर चुके…

अमेरिका के सबसे बड़े न्यूज चैनलों में से एक फॉक्स न्यूज में प्राइम टाइम शो लाने वाले टीवी होस्ट टकर कार्लसन ने इस्तीफा दे दिया है। टकर को डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी का समर्थक माना जाता है। फॉक्स मीडिया नेटवर्क ने बताया कि शुक्रवार को टकर ने अपना आखिरी शो होस्ट किया था।
अब तक न तो टकर और न ही फॉक्स न्यूज ने इस्तीफे की वजह बताई है। हालांकि, टकर का इस्तीफा उस समय आया है जब पिछले हफ्ते फॉक्स ने मानहानि के केस में एक वोटिंग मशीन कंपनी को 64 हजार करोड़ रुपए देकर सेटलमेंट किया था।
राष्ट्रपति चुनाव पर सवाल खड़े किए थे
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक फॉक्स न्यूज ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान धोखाधड़ी होने के दावे किए थे। ये दावे करने में फॉक्स न्यूज के टीवी होस्ट कार्लसन टकर भी शामिल थे। दरअसल, फॉक्स न्यूज ने 20 ऐसे दावे किए थे, जिनमें वोटिंग मशीन में गड़बड़ी करने के आरोप थे।
इन दावों के बाद ट्रम्प के समर्थकों ने 6 जनवरी 2020 को व्हाइट हाउस पर हमला किया था।2021 में फॉक्स न्यूज के खिलाफ वोटिंग मशीन कंपनी डोमिनियन ने मामला दर्ज कराया था। उस समय टकर कार्लसन समेत कंपनी में काम करने वाले कई लोगों के प्राइवेट मैसेज भी लीक हुए थे। इसमें खुद कंपनी के लोगों ने माना था कि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी। टकर कार्लसन का एक मैसेज काफी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने ट्रम्प के बारे में लिखा था- मैं उससे नफरत करता हूं। इससे काफी विवाद खड़ा हुआ था।

2020 के राष्ट्रपति चुनावों के बाद कार्लसन का अपने सहकर्मी को किया गया मैसेज जिसमें वो ट्रम्प के नफरत होने की बात कह रहे हैं।
टकर ने भारतीयों पर अंग्रेजी हुकुमत की तारीफ की थी
कार्लसन टकर रिपब्लिकन पार्टी का समर्थक होने के साथ-साथ अपने नस्लभेदी और प्रवासियों के खिलाफ नफरती बयानों को लेकर काफी फेमस हैं। अपने प्रोग्राम के दौरान उन्होंने कहा था कि प्रवासी अमेरिका की आबादी में घुसपैठ कर उन्हें रिपलेस कर देना यानी बदल देना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि प्रवासी अमेरिका को गरीब, भद्दा बना रहे हैं।
वहीं, जब 2022 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ का निधन हुआ तो उस पर एक चर्चा के दौरान टकर ने भारत में अंग्रेजों की हुकुमत की तारीफ कर दी थी। जिस अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने आपत्ति जताई थी। टकर ने कहा था, ‘भारत में अंग्रेजों की हुकुमत को जनसंहार से बढ़ कर देखा जाना चाहिए। ताकतवर देश तो कमजोर देशों पर राज करते ही हैं। ये ट्रेंड अब भी नहीं बदला है।’ टकर ने ये भी कहा था कि अंग्रेजी हुकूमत ने ही भारत को सभ्यता दी।