शिवनाथ नदी में पिकअप गिरने से 5 की मौत: मरने वाली महिला और 3 बच्चे चालक का परिवार नहीं; पिता ने पहचानने से किया इनकार..

दुर्ग// छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी में मंगलवार देर रात पिकअप गिरने से महिला और तीन बच्चियों सहित पांच लोगों की मौत हो गई है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने महिला सहित चार लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, लेकिन एक बच्ची का अभी पता नहीं चल सका है। खास बात यह है कि चालक के पिता ने महिला और बच्चों को पहचानने से इनकार कर दिया है।

शिवनाथ नदी में गिरे पिकअप वाहन को एसडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला, अंदर चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं। - Dainik Bhaskar

शिवनाथ नदी में गिरे पिकअप वाहन को एसडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला, अंदर चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि पिकअप सवार सभी लोग देर रात राजनांदगांव स्थित KGN ढाबा से खाना खाकर लौट रहे थे। तभी पुलगांव बाइपास पर पुराने पुल के पास बैलेंस बिगड़ने से हादसा हो गया। चालक की पहचान दुर्ग बोरसी निवासी ललित साहू (40) के रूप में हुई है। वो मूलत: सकरौद गुंडरदेही का रहने वाला था। गाड़ी में ललित के साथ एक महिला और दो बच्चों के शव भी मिले हैं।

नदी में डूबी बच्ची को तलाश करती एसडीआरएफ की टीम।

नदी में डूबी बच्ची को तलाश करती एसडीआरएफ की टीम।

एक बच्ची गरिमा (11 साल) का शव नहीं मिला है, उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने चारों शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पहले माना जा रहा था कि मृतक एक ही परिवार के हैं, लेकिन ललित के पिता ने इससे इनकार कर दिया। बताया कि उसकी बहू और उसके बच्चे घर में ही हैं। इसके बाद पुलिस ने बाकी शवों की पहचान का प्रयास शुरू किया।

क्रेन से खींचकर निकाला गया वाहन

कुछ देर बाद महिला और तीनों बच्चियों की पहचान तामेश्वरी देशमुख (33) पत्नी गिरीश देशमुख, यश लक्ष्मी (13), कुमुद (7) और गरिमा (11) के रूम में हुई। सभी सकरौद गुंडरदेही के रहने वाले थे। SDRF की टीम ने सुबह करीब 8 बजे ही पिकअप को खोज निकाला था। ट्रैक्टर के जरिए खींचने से बार-बार रस्सी टूट जा रही थी। इससे पिकअप फिर पानी में चली जाती थी।

दुर्ग विधायक अरुण वोरा भी मौके पर मौजूद

दुर्घटना की सूचना मिलते ही विधायक अरुण वोरा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस दुर्घटना के लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार बताया है। उनके मुताबिक विधायक निधि से यहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए डेढ़ करोड़ के बजट की स्वीकृति दी गई। बावजूद इसके अब तक कैमरे नहीं लगाए गए।