शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितता और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टर और लेखापाल सस्पेंड… जनगणना में लापरवाही, 4 शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकी गई..

सरगुजा// सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितता और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने एक हेडमास्टर और बीईओ कार्यालय के लेखापाल को निलंबित कर दिया है। वहीं जनगणना कार्य में लापरवाही पाए जाने पर चार शिक्षकों की एक-एक वेतनवृद्धि रोक दी गई है।

जानकारी के अनुसार उदयपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला पंडरीडांड की प्रधान पाठक अंजेला किण्डो के खिलाफ शासकीय राशि के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी। मामले की जांच कराई गई, जिसमें कई वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

जांच में बालवाड़ी संचालन के लिए प्राप्त राशि के आहरण में गड़बड़ी, फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग, शासकीय राशि का अनधिकृत हस्तांतरण और भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई। इसके बाद डीईओ ने अंजेला किण्डो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

बीईओ कार्यालय का लेखापाल भी सस्पेंड

सीतापुर बीईओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल दूधनाथ सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन पर सेवानिवृत्त कर्मचारी के स्वत्वों के भुगतान में लापरवाही और पात्रता से अधिक अवकाश नगदीकरण राशि का भुगतान करने का आरोप था।

जांच में वित्तीय मामलों के निराकरण में गंभीर त्रुटियां पाए जाने के बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।

जनगणना में लापरवाही पर चार शिक्षकों पर गिरी गाज

अतिरिक्त कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

इन शिक्षकों की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।

कार्रवाई की जद में आए शिक्षक

सुखदेव राम, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला आमापारा, लुण्ड्रा

उमेश कुमार तिवारी, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला ससौलीपारा

उमेश सिंह नेताम, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला आमगांव, मैनपाट

रवि कुमार, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला समनिया

लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं- डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने कहा कि शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभाग लगातार कार्यों की निगरानी कर रहा है और भविष्य में भी किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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