सरगुजा// छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी ने खुजली होने की वजह से अपने प्राइवेट पार्ट में पेंसिल डाल ली। इसके कारण उसकी पेशाब नली से खून बहने लगा और प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई। स्थिति बिगड़ने पर जेल प्रबंधन ने कैदी को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।

अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद कैदी ने प्राइवेट पार्ट में पेंसिल डाल ली। 4 घंटे ऑपरेशन के बाद बाहर निकाली गई।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर्स की टीम ने लगभग 3 से 4 घंटे तक ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान कैदी की पेशाब नली से 9 सेंटीमीटर (करीब साढ़े 3 इंच) लंबी पेंसिल निकाली गई।फिलहाल कैदी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

बंदी के पेशाब नली से निकाला गया पेंसिल।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, मर्डर केस में अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी के प्राइवेट पार्ट में खुजली हो रही थी। इसी बीच कैदी ने 22 सितंबर को जेल में रखी पेंसिल को अपने प्राइवेट पार्ट (पेशाब नली) में डाल लिया। इसके बाद वह दर्द से तड़पने लगा। पूरी रात कैदी सेंट्रल जेल में ही रहा, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ।
धीरे-धीरे कैदी के प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई और पेशाब नली से खून भी बहने लगा। घटना की जानकारी बैरक में मौजूद अन्य कैदियों को हुई। इसके बाद उन्होंने जेल प्रहरियों को सूचना दी। तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रबंधन ने आनन-फानन में 23 सितंबर को कैदी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल पहुंचने के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कैदी का एक्स-रे किया। जांच में पता चला कि उसके प्राइवेट पार्ट के अंदर लकड़ी जैसी कोई चीज फंसी हुई है। इसके बाद कैदी को रातभर निगरानी में रखकर इलाज किया गया।

अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी ने खुजली होने पर अपने प्राइवेट पार्ट में पेंसिल डाल ली।
पेशाब नली में खुजली होने के कारण पेंसिल डाली
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कैदी को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। पेशाब की नली में पेंसिल फंस जाने के कारण कैदी पेशाब नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। पूछताछ में उसने बताया कि पेशाब नली में खुजली होने के कारण पेंसिल डाली थी।
डॉक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि करीब तीन से चार घंटे चले ऑपरेशन के बाद पेंसिल निकाल दी गई। ऑपरेशन के बाद कैदी की हालत में तेजी से सुधार हुआ है। डॉक्टर एसपी कुजूर, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. कांता और डॉ. इंद्रनील की टीम ने कैदी का ऑपरेशन किया।

