सूरजपुर : छात्रावासी बच्चों के शैक्षणिक विकास की पूरी जिम्मेदारी अधीक्षकों पर, परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत हो : कलेक्टर रेना जमील

छात्रावासी बच्चों के शैक्षणिक विकास की पूरी जिम्मेदारी अधीक्षकों पर, परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत हो : कलेक्टर रेना जमील
  • अच्छा कार्य करने का न कोई समय होता है न ही कोई  सीमा  होती है
  • आश्रम छात्रावास अधीक्षकों के जिला स्तरीय बैठक का हुआ आयोजन

सूरजपुर, (CITY HOT NEWS)///

जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षकों की जिला स्तरीय समीक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने अधीक्षकों को छात्रावासी बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों के प्रति अधीक्षक अभिभावक जैसा व्यवहार करें तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं। उन्होंने बच्चों की स्वच्छता, स्वास्थ्य और नियमित अध्ययन पर विशेष ध्यान देने के साथ परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रखने के निर्देश दिए। साथ ही निबंध लेखन, शुद्धलेख, चित्रकला, नाटक जैसी साप्ताहिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने, समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित कराने तथा प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचार और प्रेरक विचार साझा कराने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त को छात्रावासी बच्चों के लिए करियर काउंसलिंग तथा निकटवर्ती विद्यालयों के पीटीआई के सहयोग से खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विजेंद्र सिंह पाटले ने अधीक्षकों को पूरी जिम्मेदारी और सजगता के साथ कार्य करने, छात्रावास में निवास सुनिश्चित करने तथा किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना तत्काल विभागीय अधिकारियों को देने के निर्देश दिए।

सहायक आयुक्त घनश्याम कुमार सिंह ने छात्रावास संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने संस्था प्रबंधन, मेस संचालन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों, अभिलेख संधारण, पालक एवं निगरानी समिति की बैठक तथा कानूनी प्रावधानों के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सभी छात्रावासों में बच्चों को चार समूह—अरावली (नीला), नीलगिरी (हरा), शिवालिक (लाल) और उदयगिरी (पीला) हाउस—में विभाजित कर नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित की जाएगी।
उन्होंने अधीक्षकों को नवोदय, एकलव्य, प्रयास और जवाहर उत्कर्ष जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने, गृहकार्य का नियमित पर्यवेक्षण करने, विद्यालयों से बच्चों की उपस्थिति एवं शैक्षणिक प्रगति की जानकारी लेने, शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनवाने, कंप्यूटर पर टाइपिंग प्रशिक्षण दिलाने, वृक्षारोपण, वाटर हार्वेस्टिंग तथा किचन गार्डन जैसी गतिविधियों को भी नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में सहायक संचालक विजेंद्र एक्का, सभी मंडल संयोजक, कनिष्ठ लेखा अधिकारी नजीर अहमद खान, छात्रावास शाखा प्रभारी विकास कुशवाहा, अर्जुन सिंह सहित जिले के सभी आश्रम एवं छात्रावासों के अधीक्षक उपस्थित रहे।

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