अपनी 90 साल की सास को पीठ पर लादकर 5 किमी पैदल चलकर पेंशन लेने बैंक गई बहू… रास्ते में नाला पड़ता है, इसलिए गाड़ी नहीं पहुंच पाती है…

सरगुजा// छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बहू अपनी 90 साल की सास को पीठ पर लादकर 5 किमी पैदल चलकर पेंशन लेने बैंक गई। रास्ते में नाला पड़ता है, इसलिए गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। 500 रुपए पेंशन के लिए पैदल लादकर ले जाते हुए वीडियो भी सामने आया है।

हालांकि, अब 3 महीने का पेंशन 1500 रुपए बैंक ने दे दिया है। बहू ने बताया कि पहले उसे घर में पेंशन मिल जाता था, लेकिन कई महीने से उसकी सास को पेंशन नहीं मिला है। केवाईसी पूरा नहीं हो पाने के कारण शुक्रवार को उसे पीठ में लादकर बैंक लाना पड़ा।

बहू ने बताया कि पहले उसे घर में पेंशन मिल जाता था, लेकिन कई महीने से उसकी सास को पेंशन नहीं मिला है।

बहू ने बताया कि पहले उसे घर में पेंशन मिल जाता था, लेकिन कई महीने से उसकी सास को पेंशन नहीं मिला है।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, मामला मैनपाट ब्लॉक का है। शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की निवासी बहू सुखमनिया अपने 90 साल की सास सोनवारी को पीठ में लादकर करीब 5 किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। सेंट्रल बैंक में उसे 3 महीने का पेंशन 1500 रुपए दिया गया। उसके खाते में चार महीने का पेंशन 2000 रुपए जमा हुआ था।

सास को लादकर बैंक पहुंचने वाली बहू सुखमनिया ने रोते हुए बताया कि, सोनवारी को कुछ महीने तक बैंक मित्र तपेश ने घर पहुंचाकर पैसा दिया। बाद में उसने घर जाकर पैसा देने से मना कर दिया। इस कारण उसे 3 महीने में ढोकर बैंक लाना पड़ा।

कुनिया के जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ता है, जहां गाड़ी नहीं पहुंचती है। इस कारण वह पीठ में सास को ढोकर बैंक पहुंची है। सोनवारी को महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिलती है। सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए हर महीने मिलते हैं।

कुनिया के जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ता है, जहां गाड़ी नहीं पहुंचती है। इस कारण वह पीठ में सास को ढोकर बैंक पहुंची।

कुनिया के जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ता है, जहां गाड़ी नहीं पहुंचती है। इस कारण वह पीठ में सास को ढोकर बैंक पहुंची।

बैंक प्रबंधक बोले- पेंशन घर पहुंचाने की व्यवस्था

इस मामले में नर्मदापुर सेंट्र्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेक ने बताया कि, मैनपाट इलाके में वृद्धावस्था पेंशन घर पहुंचाने की व्यवस्था है। इसके लिए बैंक के 8 बैंक मित्र हैं। वृद्धावस्था पेंशन में 500 रुपए हर महीने मिलता है।

बैंक मैनेजर ने बताया कि, जिन्हें भी पैसा निकालना होता है, उनके परिजन सूचना दे देते हैं तो बैंक मित्रों को भेज दिया जाता है। सोनवारी के परिजनों ने बैंक में सूचना नहीं दी थी और खुद उसे ढोकर बैंक पहुंच गए। हमने उसे बैंक में नहीं बुलाया था। परिजनों को बता दिया गया है कि उन्हें वृद्धा को लेकर आने की जरूरत नहीं हैं। बैंक मित्र उनके घर तक पैसा पहुंचा देंगे।

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