
दुर्ग-भिलाईछत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साल 2024 में हुई बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने करीब 2 साल से फरार आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, दो सगी बहनों ने अपनी नानी से 2 लाख रुपए की मांग की थी। रकम नहीं मिलने पर दोनों ने तकिए से उनका मुंह दबाया और स्टील की बोतल से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों घर से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गई थीं।
जांच में सामने आया कि बड़ी बहन ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से चोरी के जेवरात बेच दिए थे। इसी मामले में पुलिस ने मंगलवार को बॉयफ्रेंड को नागपुर से गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड में शामिल दोनों सगी बहनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मामला उतई थाना क्षेत्र का है।

मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने रेड कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
24 जुलाई 2024 को हुई थी हत्या
मामला 24 जुलाई 2024 का है। कुबेर अपार्टमेंट में रहने वाली अतिंदर शाहनी (56) घर में अकेली रहती थी। 27 जुलाई को कई दिनों तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस घर के अंदर पहुंची, जहां उनका शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी हत्या कई दिन पहले ही कर दी गई थी।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
शुरुआत में यह मामला अंधे कत्ल जैसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि अतिंदर शाहनी की दो सगी नातिनों ने पैसों और जेवर के लालच में अपने साथी के साथ मिलकर की थी।
पैसों की मांग पूरी नहीं होने पर वारदात
जांच में सामने आया कि दोनों बहनें लंबे समय से अपनी नानी से पैसों की मांग कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने नानी को जान से मारने तक की धमकी दी थी। इसके बाद दोनों ने हत्या की साजिश रची। 24 जुलाई 2024 को दोनों बहनें नागपुर से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जरिए दुर्ग पहुंचीं।
यहां से ऑटो लेकर वे सीधे पुरई स्थित अपनी नानी अतिंदर शाहनी के घर पहुंचीं। दरवाजा खुलते ही बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की ने नानी का मुंह दबा दिया। इसके बाद दोनों बहनों ने दुपट्टे से उनके हाथ-पैर बांध दिए, मुंह पर तकिया दबा दिया और स्टील की पानी की बोतल से सिर पर वार कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद कैश, जेवर और दस्तावेज लेकर हुए फरार
हत्या के बाद दोनों बहनों ने घर में रखी नकदी, जेवर, मोबाइल और अन्य जरूरी दस्तावेज समेट लिए। उन्होंने अतिंदर शाहनी के शरीर पर पहने गहने भी उतार लिए। इसके बाद दोनों नानी की स्कूटी लेकर राजनांदगांव पहुंचीं। वहां स्कूटी को बस में लादकर नागपुर ले गईं और बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे रेलवे ट्रैक के पास छोड़ दिया।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
वारदात के बाद दोनों बहनों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि घटनास्थल से मिले सबूत, तकनीकी जांच और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
इसके बाद दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की और उसकी नाबालिग बहन को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 4 लाख रुपए के जेवर और लूटी गई नकदी भी बरामद की। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
2 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा तीसरा आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को सुमित हीरानंद लालवानी की भूमिका के भी अहम सबूत मिले। इसके बाद उसका नाम मामले में आरोपी के रूप में जोड़ा गया, लेकिन वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने और शहर बदलता रहा।
नागपुर से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। आखिरकार तकनीकी इनपुट और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां भी पुलिस को दी हैं।
हत्या के मामले में अब तीनों आरोपी गिरफ्तार
उतई थाना में दर्ज इस हत्याकांड में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की, उसकी नाबालिग बहन और तीसरा आरोपी सुमित हीरानंद लालवानी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इस हत्याकांड में तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने जांच की एक अहम कड़ी पूरी कर ली है।

