- 15 जून तक चलेगा एंटी एनक्रोचमेंट ड्राइव, वन क्षेत्रों की होगी सघन निगरानी
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बलौदाबाजार वनमंडल में 1 जून से 15 जून 2026 तक विशेष एंटी एनक्रोचमेंट ड्राइव शुरू किया गया है। वर्षा ऋतु से पहले वन भूमि पर संभावित अतिक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से वनमंडल स्तर पर अंतर-परिक्षेत्रीय संयुक्त निरीक्षण दलों का गठन किया गया है। ये दल विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर वन भूमि की स्थिति का आकलन करेंगे और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
अभियान के तहत वन सीमाओं, वनखंडों और बीट क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जिनकी सीमाएं गांवों और कृषि भूमि से लगी हुई हैं। निरीक्षण के दौरान वन सीमांकन, मुनारों की स्थिति, संभावित अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध उत्खनन तथा अन्य अनधिकृत गतिविधियों की जांच की जाएगी।
निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए बने संयुक्त निरीक्षण दल
अभियान को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न वन परिक्षेत्रों के अधिकारियों को अन्य परिक्षेत्रों में निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अभिलेख, नक्शे, कक्ष इतिहास और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण भी किया जाएगा। स्थानीय वन समितियों की सहभागिता से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
वन क्षेत्रों में मानवीय दबाव का भी होगा आंकलन
निरीक्षण दल वन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों, पशुओं के दबाव, खरपतवार की स्थिति तथा वन अधिकार मान्यता पत्रों की स्थिति और सत्यापन का भी मूल्यांकन करेंगे। इसके साथ ही वन संरक्षण और सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी एकत्र किए जाएंगे। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि वन भूमि और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के माध्यम से वन क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी नए अतिक्रमण या अवैध गतिविधि के खिलाफ नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे वन संपदा की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरित विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

