रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार SECR के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर घर से 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए के जेवरात मिले…

रायपुर// रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR), भिलाई के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (DME) अनमोल उईके और बिचौलिए को कोर्ट में पेश किया गया। CBI ने दोनों को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने पहले दोनों को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था।

गिरफ्तारी के बाद CBI ने DME के भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव के ठिकानों पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान CBI को करीब 91 लाख रुपए की संपत्ति मिली। इसमें लगभग 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए के जेवरात शामिल हैं।

CBI ने 13 अगस्त को ट्रैप कार्रवाई कर सीनियर DME को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ लिया था। आरोप है कि अधिकारी ने पेंडिंग बिलों को क्लियर करने के बदले 2 लाख रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।

भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में सीबीआई ने कार्रवाई की।

भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में सीबीआई ने कार्रवाई की।

दिल्ली के साथ रायपुर और दुर्ग की सीबीआई टीम के अधिकारी भी शामिल थे।

दिल्ली के साथ रायपुर और दुर्ग की सीबीआई टीम के अधिकारी भी शामिल थे।

सीबीआई की टीम ने सीनियर डीएमई के कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर जांच की।

सीबीआई की टीम ने सीनियर डीएमई के कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर जांच की।

अब जानिए पूरा मामला

CBI के मुताबिक, अनमोल उईके साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) के भिलाई के पीपी यार्ड में सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर पोस्टेड हैं। रेलवे के ठेकेदार ने DME अनमोल उईके से नया ठेका दिलाने और पुराने बिल पास कराने की बात कही।

इस पर DME उईके ने इसके बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी की। बातचीत के बाद वह 1 लाख रुपए लेने पर तैयार हो गया। इसके बाद रेलवे ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की।

टीम ने शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा देकर अफसर के पास भेजा। रेलवे अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपए एक बिचौलिए के जरिए लिए। इसी दौरान CBI ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इनमें दिल्ली के साथ रायपुर और दुर्ग की टीम के 10 अधिकारी भी शामिल थे।

CBI के अनुसार, रिश्वत की रकम अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने शिकायतकर्ता से ली थी। इसके बाद CBI ने अधिकारी और बिचौलिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर-भिलाई और राजनांदगांव में तलाशी, 77 लाख कैश मिला

गिरफ्तारी के बाद CBI की टीम ने अधिकारी के भिलाई स्थित पीपी यार्ड कार्यालय के साथ-साथ रायपुर और राजनांदगांव के ममता नगर स्थित ठिकानों पर भी तलाशी ली।

तलाशी के दौरान CBI को करीब 91 लाख रुपए की संपत्ति मिली। इसमें लगभग 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए के जेवरात शामिल हैं। टीम ने मामले से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं।

आज की पेशी में आगे की कार्रवाई पर नजर

आज दोनों आरोपियों की कोर्ट में पेशी होगी। CBI आगे की जांच के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। जांच एजेंसी बरामद नकदी और जेवर के स्रोत के साथ-साथ रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य लेन-देन की भी जांच कर रही है।

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