
- छत्तीसगढ़ में जल आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल, नए तालाबों से सिंचाई, भूजल संवर्धन और आजीविका को मिल रहा बल
रायपुर (CITY HOT NEWS)//

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में शुरू की गई ‘नवा तरिया आय के जरिया’ पहल जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में जिले में नवीन तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। इन जल संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को संजोना, भूजल स्तर में सुधार लाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल स्रोत विकसित करना है।
जिले में वर्तमान में 12 नए तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें विकासखंड बलरामपुर में 2, कुसमी में 2, राजपुर में 1, रामचंद्रपुर में 4, शंकरगढ़ में 1 तथा वाड्रफनगर में 2 तालाब शामिल हैं। इनमें से 9 स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रत्येक निर्माण स्थल पर प्रतिदिन लगभग 40 से 50 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
तालाबों का निर्माण वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है। जल संग्रहण क्षमता को दीर्घकाल तक बनाए रखने के लिए इनलेट, आउटलेट और सिल्ट ट्रैप जैसी संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इससे मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण होगा और जलधारण क्षमता बनी रहेगी।
इन नवीन जल संरचनाओं से आने वाले वर्षों में सिंचित क्षेत्र में वृद्धि, भूजल स्तर में सुधार तथा पशुओं के लिए वर्षभर पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित होने की संभावना है। जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों को बहुफसली खेती, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
मोर गांव मोर पानी अभियान जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का एक सफल मॉडल बनकर सामने आ रहा है। ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसी पहलें यह साबित कर रही हैं कि जल संसाधनों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और सतत विकास का मजबूत आधार भी है।

