
- पीजी कॉलेज नारायणपुर में ‘ग्रंथालय उन्मुखीकरण’ कार्यक्रम आयोजित
रायपुर (CITY HOT NEWS)//

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत नवप्रवेशी (प्रथम सेमेस्टर) छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय विभाग द्वारा एक दिवसीय ‘ग्रंथालय उन्मुखीकरण (Library Orientation) कार्यक्रम’ का आयोजन शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य थीम “पुस्तकालय होते हैं, ज्ञान के महासागर” रखी गई थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन की संस्कृति विकसित करना और उन्हें आधुनिक ग्रंथालय व्यवस्था से जोड़ना था।
पुस्तकों से करें दोस्ती, यही सिखाती हैं असफलता से जीतना: डॉ. एस.आर. कुंजाम
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.आर. कुंजाम ने विद्यार्थियों को अपने संबोधन में पुस्तकालय के अधिकतम उपयोग और पुस्तकों से प्रगाढ़ संबंध बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से दोस्ती ही हमारे मानसिक और बौद्धिक विकास का आधार है। किताबें केवल ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि जीवन में आने वाली समस्याओं व असफलताओं से लड़ना और उनसे प्रेरित होकर जीत हासिल करना भी सिखाती हैं।
ग्रंथालय का पता होना ही सफलता की पहली कुंजी
महाविद्यालय के लाइब्रेरियन ने विद्यार्थियों को ग्रंथालय के सामान्य नियमों, निर्देशों और वहां उपलब्ध विशाल अध्ययन सामग्री की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में टेक्स्ट बुक्स, रेफरेंस बुक्स, पत्र-पत्रिकाएं (मैगजीन), प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रामाणिक अध्ययन सामग्री, उपन्यास, प्रेरणादायक पुस्तकें तथा हिंदी व अंग्रेजी के दैनिक समाचार पत्र नि:शुल्क उपलब्ध हैं।
अल्बर्ट आइंस्टीन के प्रसिद्ध कथन को उद्धृत करते हुए लाइब्रेरियन ने कहा कि एक बात जो आपको सबसे अच्छे से पता होनी चाहिए, वह है ‘ग्रंथालय का पता’। छात्र जीवन में हर विद्यार्थी के लिए अपनी जरूरत की सभी किताबें खरीदना संभव नहीं होता, ऐसे में महाविद्यालय का समृद्ध ग्रंथालय उनके लिए ज्ञान का सबसे सुलभ और नि:शुल्क स्रोत बनता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकगण सहित ग्रंथालय स्टाफ,नवप्रवेशी छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।

