
- नैनो उर्वरकों से बढ़ा उत्पादन, समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने से किसानों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज की सरल, सहज और सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर कर पा रहे हैं।
कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला के श्री महेंद्र सिंह राजपूत भी सरकार की किसान हितैषी व्यवस्थाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उनके परिवार की परंपरागत आजीविका का प्रमुख साधन है। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री राजपूत वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए वे सहकारी समिति छुरीकला पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक खाद एवं बीज आसानी से उपलब्ध हो गया।
श्री महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान कृषि कार्यों की तैयारियों में जुट जाते हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को व्यवस्थित रूप से सामग्री वितरित की जा रही है। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
वे बताते हैं कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों का सुचारू वितरण तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं से खेती करना पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को खेती-किसानी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

