एमसीबी : विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) का हुआ शुभारंभ, अब ग्रामीण श्रमिकों को मिलेगा 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

  •  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तिरुपति से किया देशव्यापी शुभारंभ
  • जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम पिपरिया में हुआ जन सम्मेलन सम्पन्न


एमसीबी/(CITY HOT NEWS)//

ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को नए स्वरूप में ” विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB&G RAM G Act] 2025 2025 के रूप में लागू किया गया है। इस नई पहल का देशव्यापी शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से किया।
इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत पिपरिया में जन सम्मेलन एवं शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय मंत्री का संबोधन सुना और मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ष् विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) केवल मनरेगा का नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के समग्र विकास का नया अध्याय है। यह मिशन रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का व्यापक अभियान है। 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को स्थायी रूप से सशक्त करना है। मिशन के माध्यम से जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, वृक्षारोपण, कृषि आधारित अधोसंरचना, चारागाह विकास, तालाब निर्माण, खेत सुधार, ग्रामीण संपर्क मार्ग तथा अन्य टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण बड़े स्तर पर किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1 जुलाई 2026 से यह मिशन पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। मिशन के सफल संचालन के लिए भारत सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए और ग्रामीणों को समय पर रोजगार मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही 1 जुलाई 2026 से न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की गई है। देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। संशोधित प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी लगभग 327.40 रुपये हो गई है, जबकि विभिन्न राज्यों में अधिसूचित मजदूरी दर के अनुसार इससे अधिक भुगतान भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में मिशन की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह मिशन टिकाऊ विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम ‘अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, सरपंचों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिक से अधिक पौधारोपण एवं उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री उदित नारायण सहित ग्राम पंचायत पिपरिया, डंगौरा, भालौर, शंकरगढ़, कठौतिया, सिरौली, चैनपुर, साल्ही, बेलबहरा, डोमनापारा, कोठारी, चौघड़ा, बौरीडाड़ एवं लालपुर के सरपंच उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्री धर्मपाल सिंह, श्रीमती गीता सिंह, श्रीमती मीणा सिंह, श्री दीपक कुमार, श्री फूलचंद, श्रीमती जुगुम बाई, श्री केवल सिंह, श्रीमती उर्मिला सिंह, श्री निविस लकड़ा, श्री शिवशंकर सिंह, श्रीमती कमला सिंह, श्रीमती मानकुंवर एवं मो. आरिफ रजा सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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