एमसीबी : पद्म पुरस्कार 2027 गुमनाम नायकों की खोज तेज, एमसीबी सहित सभी जिलों को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

  • छत्तीसगढ़ शासन ने शुरू किया प्रतिभा खोज अभियान समाज सेवा, शिक्षा, कला, विज्ञान, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों के योग्य व्यक्तियों से नामांकन की अपील

एमसीबी (CITY HOT NEWS)//

देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार-2027 के लिए छत्तीसगढ़ में अब “गुमनाम नायकों” की तलाश तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय महानदी भवन से जारी निर्देशों के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में योग्य प्रतिभाओं की पहचान और नामांकन प्रक्रिया को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में सभी कलेक्टरों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करें, जिन्होंने समाज सेवा, शिक्षा, कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, पर्यावरण संरक्षण या जनकल्याण के अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया हो, लेकिन अब तक राष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान न मिल पाई हो।

15 मार्च से शुरू हुई ऑनलाइन नामांकन प्रक्रियाभारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री के लिए नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं अथवा अनुशंसा करने वाले नागरिक भारत सरकार के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एमसीबी जिले को विशेष प्रचार-प्रसार के निर्देश
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को निर्देशित किया गया है कि स्थानीय समाचार पत्रों, क्षेत्रीय न्यूज चौनलों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, शासकीय कार्यालयों के सूचना पटल तथा जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उद्देश्य यह है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र और प्रेरक व्यक्तित्व राष्ट्रीय सम्मान की इस प्रक्रिया से जुड़ सकें।

महिलाओं, आदिवासी क्षेत्रों और दूरस्थ प्रतिभाओं पर विशेष फोकस
राज्य शासन ने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन तथा दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों की पहचान को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे लोग, जिन्होंने सीमित संसाधनों में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया है, इस अभियान के केंद्र में रहेंगे।

सिर्फ ऑनलाइन आवेदन मान्य
पद्म पुरस्कारों हेतु सभी नामांकन केवल भारत सरकार के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.inके माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन या अन्य किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।

15 जुलाई तक भेजने होंगे जिला स्तर के प्रस्ताव
जिलों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर योग्य उम्मीदवारों की पहचान कर अनुशंसा सहित प्रस्ताव तैयार करें और निर्धारित प्रारूप में 15 जुलाई 2026 तक सामान्य प्रशासन विभाग को अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।

राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ेगा जनभागीदारी अभियान
राज्य शासन की इस पहल का उद्देश्य पद्म पुरस्कारों को केवल चर्चित चेहरों तक सीमित न रखकर उन असाधारण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्वों तक पहुंचाना है, जो वर्षों से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। संदेश स्पष्ट है अब सम्मान उन तक भी पहुंचेगा, जिन्होंने बिना पहचान चाहे समाज को नई दिशा दी है।

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