एमसीबी/(CITY HOT NEWS)//
जिले में असर्वेक्षित भूमि के भू-सर्वेक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार तहसील मनेंद्रगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। प्रशासन द्वारा यह कदम भूमि अभिलेखों को व्यवस्थित करने और राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के तहत मनेंद्रगढ़ पटवारी हल्का नंबर 16 अंतर्गत ग्राम नई लेदरी पटवारी हल्का नंबर 15 के ग्राम तेंदुडांड, गिद्धडांड, झगराखांड एवं हसदेव नदी की सीमा के मध्य स्थित असर्वेक्षित भूमि का भू-सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर सर्वेक्षण दल का गठन कर दिया गया है, जो संबंधित क्षेत्रों में जाकर सीमांकन, अभिलेख सत्यापन एवं अन्य तकनीकी कार्य संपादित करेगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि सर्वेक्षण कार्य से संबंधित जानकारी जिले की आधिकारिक वेबसाइट एवं स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोग समय रहते आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध करा सकें। सर्वेक्षण के दौरान राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करेगी।
भू-सर्वेक्षण प्रक्रिया को भूमि विवादों के निराकरण, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और भविष्य में प्रशासनिक कार्यों को सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे असर्वेक्षित भूमि का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।

