सरगुजा// छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 2 नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप हुआ। 24 अप्रैल को 4 सहेलियां शादी में गई थी, देर रात सब एक साथ घर लौट रही थीं, तभी 6 बाइक में सवार 12 लड़कों ने उन्हें घेर लिया। किसी तरह 2 लड़कियां भाग गई, लेकिन 2 नाबालिगों को आरोपी अपने साथ खेत ले गए, उनसे दुष्कर्म किया।

अंबिकापुर में पीड़ितों का मेडिकल टेस्ट हुआ था। इस मामले में 8 आरोपियों को अरेस्ट किया गया है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराए गए मेडिकल परीक्षण में दोनों नाबालिगों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें 4 नाबालिग है।
इससे पहले सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में विरोधाभास जताया था, जिसमें एक पीड़िता के साथ रेप होने और दूसरी के साथ पुष्टि नहीं होने की बात कही गई थी।
मेडिकल रिपोर्ट में आए इस बड़े अंतर को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने सीतापुर के संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सरगुजा गैंगरेप मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें 4 नाबालिग है।
सीडब्लूसी करेगी बयान दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सरगुजा सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) दोनों पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज करेगी। गवर्नमेंट काउंसलर की मौजूदगी में होने वाले इस बयान में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसकी डिटेल रिपोर्ट सरगुजा पुलिस को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी।
टीएस सिंहदेव ने कहा-दुखद, पीड़ादायक और शर्मनाक
इधर, इस घटना पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे दुखद, पीड़ादायक और शर्मनाक बताते हुए लिखा कि कानूनी कार्रवाई में देरी और भी चिंताजनक है।
सिंहदेव ने आरोप लगाया कि पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक घटना 24 अप्रैल की रात की है। चार नाबालिग सहेलियां दूसरे मोहल्ले में शादी में शामिल होने के लिए शाम करीब 7 बजे गई थीं। रात करीब 10 बजे वे लौट रही थीं।
इस दौरान हाईस्कूल के पास 5 से 6 बाइक में सवार करीब 12 युवकों ने उन्हें घेर लिया और पकड़ने की कोशिश की। युवकों को देखकर एक नाबालिग मौके से भाग निकली। बाकी 3 को युवकों ने पकड़ लिया।
एक नाबालिग को युवकों ने बाइक पर बैठाकर दूर ले गए और खेत में चार युवकों ने गैंगरेप किया। पकड़ी गई दूसरी नाबालिग के साथ हाईस्कूल मैदान के पास ही तीन युवकों ने दुष्कर्म किया। दोनों की उम्र 15 साल से कम है।
एक नाबालिग बाइक से कूदकर भागी
13 साल की लड़की को युवक बाइक में बैठाकर दूर ले जा रहे थे। वह बाइक में पीछे बैठने की जिद पर अड़ गई तो युवकों ने उसे पीछे बैठाया। रास्ते में लड़की बाइक से कूदकर भाग निकली। युवकों ने करीब 2 किलोमीटर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन वह खेतों के रास्ते भाग निकलने में कामयाब रही।

सीतापुर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
दूसरे दिन थाने पहुंची किशोरी, नहीं हुआ एक्शन
गैंगरेप पीड़िताएं रात करीब डेढ़ से 2 बजे के बीच किसी तरह घर पहुंचीं। डर के कारण उन्होंने घटना की जानकारी तुरंत नहीं दी। 25 अप्रैल की शाम एक पीड़िता ने परिजनों को घटना की जानकारी दी इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
आरोप है कि पुलिस ने उसी समय एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही एमएलसी (मेडिकल लीगल कंसल्ट) कराया। पीड़ित को अगले दिन आने के लिए कहा गया। दूसरे दिन दोनों पीड़िता थाने पहुंची। इसके बाद पुलिस ने एमएलसी किया।
26 अप्रैल को 4 के खिलाफ FIR
एक नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने 26 अप्रैल को प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल और एक अन्य युवक के खिलाफ धारा 70 (2) BNS और पाक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(जी), 6 के तहत एफआईआर दर्ज की है। दूसरे मामले में FIR तक दर्ज नहीं की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इस मामले में जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग का कहना है कि पुलिस ने तत्काल न तो एफआईआर दर्ज की और न ही एमएलसी कराया। पुलिस ने सिर्फ एक लड़की के साथ गैंगरेप की एफआईआर दर्ज की। सीतापुर के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
30 अप्रैल तक पुलिस ने आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल तिग्गा (24) और मनीष खलखो उर्फ आभीस समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 3 अपचारी बालकों को बाल न्यायालय में पेश किया गया। मामले की जांच जारी है।

