परिवार के पांच लोगों ने पुलिस के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की…गांव के दबंगों से परेशान थे…

राजनांदगांव// छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी में एक परिवार के पांच लोगों ने न्याय नहीं मिलने पर पुलिस के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की है। हालांकि पुलिस ने उन्हें समय रहते रोक लिया। इनमें दो महिलाएं, युवती और दो बच्चे हैं। ग्राम पंचायत पांगरी के रहने वाले परिवार का आरोप है कि गांव के दबंगों ने उनकी निजी जमीन पर बनी दुकान को जबरन बंद करवा दिया।

इसके साथ ही उनका सामाजिक बहिष्कार कराकर हुक्का-पानी तक बंद कर दिया है। बच्चों को स्कूल-मंदिर जाने से रोक रहे हैं। थाने में शिकायत के बाद न्याय नहीं मिलने से परेशान परिवार शनिवार (13 सितंबर) को यह कदम उठाया। मामला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी का है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

बता दें कि दो दिन पहले ही रायपुर में ऐसी घटना सामने आई थी जहां पति की प्रताड़ना से परेशान एक महिला ने थाने के सामने खुद को आग लगा ली थी, महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पुलिस ने थैला छिनकर युवती को रोकने की कोशिश की।

पुलिस ने थैला छिनकर युवती को रोकने की कोशिश की।

पुलिस वालों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

पुलिस वालों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

बच्चों को मंदिर-स्कूल जाने से रोका – पीड़ित परिवार

पीड़ित परिवार ने बताया कि लगातार प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं शिकायत के करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। गांव में लगातार प्रताड़ित होने के बाद आखिर में थाना परिसर में आत्मदाह करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था।

न्याय नहीं मिलने पर उठाया कदम

पीड़िता केशरिया साहू ने कहा कि हमारी निजी जमीन में बने होटल को बंद कराने के लिए गांव वाले परिवार को परेशान कर रहे हैं। SP ऑफिस, महिला आयोग सभी जगह हमने आवेदन दिया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत ने अब दुकान बंद करने के लिए नोटिस पकड़ा दिया है।

गांव के 5 दबंग लोग दबाव बना रहे हैं। पूरे गांव वाले मीटिंग करके एक हो गए है। हमारे घर वालों को अलग कर दिया है। जो हमसे बात करेगा उसपर 1 हजार दंड रखा गया है। 2 छोटे बच्चे है उनसे भी स्कूल में कोई बात नहीं करता। उन्हें स्कूल से निकालने की कोशिश की जा रही है। न्याय नहीं मिलने पर अब मरने की सोची।

घटना में परिवार वालों की तबीयत बिगड़ी, उनका इलाज जारी है।

घटना में परिवार वालों की तबीयत बिगड़ी, उनका इलाज जारी है।

समझाने के बाद मामला शांत

पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में थाना परिसर में आत्मदाह करने वालों में निर्मला बाई साहू, उनकी बेटी केसरिया साहू और बहू तानेश्वरी साहू और उसके दो बच्चे शामिल थे। वे लगातार ग्रामीणों और पुलिस पर अत्याचार का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने किसी तरह उनके हाथों से ज्वलनशील पदार्थ और माचिस छीन ली। काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ।

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