बिलासपुर// बिलासपुर में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने अस्पताल जा रही गर्भवती महिला की कार रोक ली। आरोप है कि वे बकाया किश्त जमा कराने का दबाव बनाने लगे और वाहन को क्रेन से उठाकर ले जाने की कोशिश की।

विवाद बढ़ने पर महिला ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन घटना के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
गर्भवती होने की जानकारी देने के बाद भी नहीं माने कर्मचारी
मंगला की दीनदयाल कॉलोनी निवासी प्रिया ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने पति और मां के साथ अस्पताल जांच कराने जा रही थीं। एसएसपी कार्यालय के सामने स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के पास पहुंचते ही महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी सोहेल अख्तर और उसके साथियों ने उनकी कार रोक ली।
कर्मचारियों ने तीन माह की बकाया किश्त का हवाला देते हुए कार से उतरने के लिए कहा। महिला ने उन्हें बताया कि वह गर्भवती हैं और अस्पताल जा रही हैं, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारियों ने कोई राहत नहीं दी और वाहन जब्त करने की कार्रवाई पर अड़े रहे।
कार में बैठी महिला के रहते ही क्रेन से उठाने की कोशिश
महिला का आरोप है कि कर्मचारियों ने उसके कार में बैठे होने के बावजूद वाहन को क्रेन से उठाने का प्रयास किया। इस दौरान उसके पति लगातार एक घंटे के भीतर बकाया किश्त जमा करने की बात कहते रहे, लेकिन कर्मचारियों ने उनकी बात नहीं मानी।
काफी देर तक मौके पर विवाद चलता रहा। स्थिति बिगड़ने पर महिला ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच बहस जारी रही। आखिरकार पुलिस की समझाइश के बाद महिला के पति ने बकाया किश्त जमा कर दी।
किश्त जमा होने के बाद भी अतिरिक्त रकम मांगने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि किश्त जमा होने के बाद भी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी सोहेल अतिरिक्त खर्च के नाम पर रुपए मांगने लगा। जब परिवार ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो कथित रूप से उन्हें धमकियां दी गईं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को वहां से जाने के लिए कहा।
विवाद के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
महिला का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से वह मानसिक रूप से काफी तनाव में आ गई। अस्पताल पहुंचने पर जांच में गर्भ में पल रहे शिशु की धड़कन सामान्य से कम पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया।
महिला ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंप दिया है। शिकायत में कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार, धमकी देने और जबरन वाहन उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
टीआई बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि महिला की शिकायत मिली है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो फुटेज और महिला के बयान के आधार पर जांच कर रही है। जांच के बाद अपराध दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

