- पीएम जनमन और धरती आबा ग्रामों में सजेगा विकास का मेला
- 19 से 25 मई तक आयोजित होगा सात दिवसीय जनभागीदारी अभियान
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
भारत सरकार जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को शत-प्रतिशत पहुँचाने के लिए पीएम-जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से गाँवों में विकास का मेला (जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर) आयोजित कर रही है। इन अभियानों का उद्देश्य आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
धमतरी जिले के जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण उत्थान और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन एक वृहद अभियान शुरू करने जा रहा है। आगामी 19 से 25 मई तक जिले के विशेष क्षेत्रों में ‘‘जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान’’ का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान मुख्य रूप से पीएम-जनमन और धरती आबा योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों पर केंद्रित होगा।
धरातल पर उतरेगा प्रशासनरू पदयात्रा और सीधा संवाद
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त के अनुसार इस सात दिवसीय उत्सव का ध्येय केवल योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि उनकी शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना है। जिले के प्रशासनिक अधिकारी, आदिकर्मयोगी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि सीधे गांवों का दौरा करेंगे। दुर्गम क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए अधिकारी पैदल यात्रा कर ग्रामीणों से रूबरू होंगे। भ्रमण के दौरान लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा और पात्र वंचित हितग्राहियों को तत्काल योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
स्वास्थ्य, सेवा और प्रकृति का संगम
अभियान के दौरान बहुआयामी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। ग्राम स्तर पर विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण और परामर्श प्रदान किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जनसुनवाई और त्वरित निवारण आदि सेवा केंद्रों की भूमिका
धरती आबा ग्रामों में स्थापित आदि सेवा केन्द्रों को इस अभियान का मुख्य केंद्र बनाया गया है। केंद्रों पर प्रतिदिन जनसुनवाई होगी, जहां ग्रामीणों के लंबित प्रकरणों और अधिकारों से संबंधित मामलों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और सेवा उनके द्वार तक पहुँचे।
अंतिम छोर तक विकास का संकल्प
जिला प्रशासन ने विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति कमार सहित जिले के सभी अनुसूचित जनजातीय समुदायों से इस उत्सव में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इस अभियान का अंतिम लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से जनजातीय गौरव को नई ऊंचाई देना और विकास के नए प्रतिमान स्थापित करना है।

