- सुशासन तिहार से लेकर पीएम-सीएम पोर्टल तक लंबित मामलों की गहन समीक्षा, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
एमसीबी/ (CITY HOT NEWS)//
जिले में जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण को लेकर कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता अब स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जन शिकायतों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणाम मूलक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार सहित सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
जनदर्शन और पोर्टल शिकायतों में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, प्रधानमंत्री पोर्टल, सीजी पोर्टल एवं अन्य ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणालियों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिक जवाब प्रस्तुत करने के बजाय शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा लोगों की समस्याओं का समाधान करना है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं ई-ऑफिस के लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
सुशासन तिहार के आवेदनों का समय-सीमा में हो निराकरण
कलेक्टर ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह अभियान केवल शिविरों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। सभी आवेदन निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक निराकृत किए जाएं तथा जिस स्तर का आवेदन हो, उसका समाधान उसी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समाधान स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए।
राजस्व प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन, त्रुटि सुधार एवं अन्य लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अविवादित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए और अनावश्यक लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाए। गिरदावरी कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को राशन कार्ड संबंधी लंबित मामलों का निराकरण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। वहीं आरटीआई से जुड़े लंबित मामलों की अद्यतन सूची प्रस्तुत करने को कहा गया।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में महतारी वंदन योजना, आयुष्मान भारत योजना, आधार अपडेट, सर्वाइकल कैंसर रोकथाम अभियान तथा एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग को विभागीय आवेदनों के शीघ्र निराकरण और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सिकल सेल एनीमिया, डायरिया, प्रसव प्रकरणों एवं मौसमी बीमारियों की स्थिति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने नगरीय निकायों को पेयजल स्रोतों की नियमित सफाई, जन जागरूकता के लिए वॉल पेंटिंग तथा दोनों प्रकार के एंटीवेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिक्षा और जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, मरम्मत कार्यों, नवीन विद्यालयों की सूची एवं शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग, शिक्षकों की बैठक और पालक-शिक्षक संवाद को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान (पीएम जनमन) की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी छात्रावास में बैगा बच्चों की सीट रिक्त न रहे। साथ ही एकलव्य विद्यालय के लिए अस्थायी भवन का चिन्हांकन तथा 100 सीटर क्रीड़ा परिसर हेतु प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित करने को कहा।
आवास, सड़क, ऊर्जा और कृषि कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जनमन आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीजीएसआरएलएम विहान, एग्रीस्टेक तथा धान उठाव कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग द्वारा खाद एवं बीज की उपलब्धता की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के मौसम में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान राजस्व लक्ष्य की प्रगति पर चर्चा की गई तथा हाई टेंशन विद्युत तारों को हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
परिणाममूलक कार्य ही प्रशासन की पहचान
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें, समय-सीमा का पालन करें और प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने दोहराया कि जनसेवा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

