रिश्वत लेते पकड़े गए बाबू को तीन साल की कैद:सरगुजा में रिटायर्ड टीचर से 10 हजार रिश्वत लेते एसीबी ने किया था गिरफ्तार

सरगुजा// सरगुजा में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत ने 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़े गए बाबू को तीन साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। सरगुजा के बीईओ कार्यालय के बाबू ने रिटायर्ड टीचर से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की टीम ने वर्ष 2020 में उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार, बतौली ब्लॉक के मिडिल स्कूल घोघरा में पदस्थ हेडमास्टर बरनावास मिंज 28 फरवरी 2017 को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद उन्हें अवकाश नकदीकरण के 6 लाख रुपए और सातवें वेतनमान के एरियर्स के 1 लाख रुपए, यानी कुल 7 लाख रुपए मिलने थे। बरनावास मिंज ने इसके लिए बीईओ ऑफिस के बाबू प्रमोद गुप्ता से संपर्क किया।

कोषालय में बिल जमा करने के नाम पर मांगी रिश्वत

रिटायर्ड हेडमास्टर बरनावास मिंज ने बिल तैयार करने के लिए बाबू प्रमोद गुप्ता को 5 हजार रुपए रिश्वत दिए। इसके बाद प्रमोद गुप्ता ने उन्हें झांसा दिया कि सातवें वेतनमान के एरियर्स की राशि निकालने के लिए कोषालय में बिल जमा करने के बदले 10 हजार रुपए और देने होंगे।

बरनावास मिंज ने परेशान होकर इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। 30 दिसंबर 2020 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बतौली बीईओ कार्यालय में कार्रवाई करते हुए 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक प्रमोद गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मामले में प्रकरण विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत में पेश किया गया था।

मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत ने आरोपी लिपिक प्रमोद गुप्ता को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं का दोषी पाया। इसके तहत आरोपी को तीन वर्ष कठोर कारावास और 5000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त छह माह के कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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