रेंजर और डिप्टी रेंजर को लाठी-डंडों से पीटा…5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा…रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल भी छीना…जंगली सुअर के शिकार की सूचना पर निकली थी टीम…

महासमुंद// महासमुंद के बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा में रेंजर और डिप्टी रेंजर के साथ लाठी-डंडों से पीटा गया। इसके बाद दोनों अधिकारियों को करीब 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल भी छीन लिया गया।

दोनों वन अधिकारियों को एक मकान में बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरे में उन्हें बाहर निकाला। दोनों का मेडिकल भी कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में अधिकारियों के पीठ और कान पर चोट के निशान मिले हैं।

घटना उस समय हुई, जब वन विभाग की टीम को जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस बेचने की सूचना मिली। इस सूचना पर टीम रात में गश्त पर निकली थी। लोगों ने वन अमले को घेरकर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। हमलवार वन विभाग की जीमन पर अतिक्रमण करने वाले बताए जा रहे हैं।

पहले देखिए तस्वीरें

महासमुंद के तमोरा में रेंजर और डिप्टी रेंजर के साथ लाठी-डंडों से पीटा।

महासमुंद के तमोरा में रेंजर और डिप्टी रेंजर के साथ लाठी-डंडों से पीटा।

मारपीट में रेंजर और डिप्टी रेंजर के पीठ पर मिले चोट के निशान।

मारपीट में रेंजर और डिप्टी रेंजर के पीठ पर मिले चोट के निशान।

मारपीट में अधिकारियों को काफी चोटें आई हैं। अधिकारी का कान पर कट गया।

मारपीट में अधिकारियों को काफी चोटें आई हैं। अधिकारी का कान पर कट गया।

वन अधिकारियों को छुड़ाने पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम, लेकिन हमलावरों ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया।

वन अधिकारियों को छुड़ाने पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम, लेकिन हमलावरों ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया।

जंगली सुअर के शिकार की सूचना पर निकली थी टीम

वन विभाग के मुताबिक, रेंजर नवीन वर्मा मंगलवार रात वन अमले के साथ ढोड परिसर के कक्ष नंबर 95-96 में गश्त पर निकले थे। विभाग को यहां जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस बेचने की सूचना मिली थी।

टीम में डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वनरक्षक टोमन दीवान, वॉचर महेश चंद्राकर, वॉचर पूनम साहू और ड्राइवर हरदेव वर्मा भी शामिल थे।

गश्त के दौरान टीम तमोरा पहुंची। यहां वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले बताए जा रहे कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। लोगों ने वन अमले के साथ गाली-गलौज की। इसके बाद लाठी-डंडों से अधिकारियों को घेर लिया।

कर्मचारियों के हटने के बाद दोनों अधिकारी रह गए

बताया जा रहा है कि मौके पर लोगों की संख्या ज्यादा थी। विवाद बढ़ने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी वहां से भाग गए। वहीं रेंजर नवीन वर्मा और डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा मौके से निकल नहीं पाए।

इसके बाद दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई। मारपीट में उन्हें चोटें आईं और खून भी निकला। इसी दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। हमलावर शराब के नशे में थे।

खेत के मकान में करीब 5 घंटे रखा

मारपीट के बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे खेत में बने एक छोटे मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें करीब 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। वन विभाग के अनुसार, दोनों अधिकारियों को शाम करीब 7:30 बजे से रात 12:30 बजे तक वहां रखा गया।

अधिकारियों ने WhatsApp से दी जानकारी

स्थिति बिगड़ने पर रेंजर नवीन वर्मा ने WhatsApp के जरिए अपने सीनियर अफसरों और बागबाहरा व खल्लारी थाना प्रभारियों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही पुलिस के साथ बागबाहरा और महासमुंद वन परिक्षेत्र की टीम मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस और वन अमले ने वहां पहुंचकर दोनों अधिकारियों को छोड़ने के लिए संबंधित लोगों से बातचीत की।

पुलिस के पहुंचने पर भी हुआ विवाद

पुलिस और वन विभाग की टीम ने अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान भी हमलावरों ने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया। पुलिस और वन अमले के साथ बहस और विवाद की स्थिति भी बनी।

इसके बाद पुलिस और वन अमले ने सुरक्षा घेरा बनाया और दोनों अधिकारियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में दोनों का मेडिकल चेकअप कराया गया।

पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद

वन विभाग के मुताबिक, तमोरा इलाके में वनभूमि पर अतिक्रमण और विभागीय काम में बाधा के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

विभाग के अनुसार, 25 मार्च 2026 को अतिक्रमण के प्रयास को लेकर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/12, 19940/13, 19940/14, 19940/15 और 19940/16 दर्ज किए गए थे।

इसके बाद 13 मई 2026 को वृक्षारोपण के लिए जमीन तैयार करने के दौरान वन अमले के साथ गाली-गलौज, बदसलूकी, जान से मारने की धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला सामने आया था। इस मामले में खल्लारी थाने में 14 मई को FIR क्रमांक 0055/2026 दर्ज कराई गई थी।

वहीं 20 जुलाई 2026 को वनभूमि पर दोबारा जुताई कर खेती करने और लगाए गए बांस व सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/17 से 19940/21 तक दर्ज किए गए।

अब आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी

वन विभाग के मुताबिक, मौजूदा मामले में सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट, धमकी देने, सरकारी कर्मचारियों से बदसलूकी करने, सामान छीनने और अधिकारियों को उनकी इच्छा के खिलाफ बंधक बनाने जैसे आरोप हैं।

विभाग का कहना है कि सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जाएगी।

वन विभाग ने कहा है कि वनभूमि पर अतिक्रमण, वन संपदा को नुकसान पहुंचाने और वन विभाग के कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

एडिशनल एसपी सुनील कुमार नायक ने बताया, वन अमला के साथ मारपीट हुई है। वन अमला ने खल्लारी थाने में आवेदन दिया है। अपराध दर्ज किया गया है।

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