रिटायर्ड शिक्षक के बैंक खाते से युवक ने 6 साल में 47 लाख 5 हजार रुपए अपने और बाकी बैंक खातों में ऑनलाइन किए ट्रांसफर…मकान के लिए जमीन खरीदने पहुंचे तो खुली पोल…आरोपी को भेजा गया जेल..

गांव के रहने वाले युवक ने वारदात को अंजाम दिया। - Dainik Bhaskar

गांव के रहने वाले युवक ने वारदात को अंजाम दिया।

रायगढ़// रायगढ़ में रिटायर्ड शिक्षक के बैंक खाते से गांव के ही युवक ने 6 साल में 47 लाख 5 हजार रुपए अपने और बाकी बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिया। आरोपी शिक्षक का परिचित और भरोसेमंद था। वह करीब 6 साल तक बैंक के काम में मदद करने के बहाने उसके अकाउंट और मोबाइल का इस्तेमाल करता रहा।

आरोनी ने शिक्षक के रिटायरमेंट के बाद खाते में जमा GPF, ग्रेच्युटी और दूसरी रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिया। बाद में इस रकम को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिया।

रिटायर्ड शिक्षक को इसकी जानकारी तब हुई, जब उन्होंने घर बनवाने के लिए जमीन खरीदने के लिए बैंक से खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। इसके बाद ठगी का पता चलने पर शिक्षक ने पुलिस में शिकायत की।

पुलिस ने आरोपी छत्रपाल सिदार (34) को गिरफ्तार कर उसके बैंक खातों की जानकारी, एटीएम और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह मामला कोतरारोड़ थाना क्षेत्र का है।

पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

रिटायरमेंट के बाद खाते में जमा हुई बड़ी रकम

पुलिस के मुताबिक, कांटाहरदी के रघुनाथ सिदार (64) शिक्षक थे और साल 2024 में रिटायर हुए। साल 2020 से उनके गांव का रहने वाला छत्रपाल सिदार (34) उनके संपर्क में था। दोनों एक ही जाति समाज से होने के कारण आरोपी का उनके घर आना-जाना था।

छत्रपाल लंबे समय से रघुनाथ के बैंक से जुड़े कामों में मदद करता था। वह चेकबुक के जरिए पैसे निकलवाने के लिए भी उनके साथ बैंक जाता था। धीरे-धीरे रघुनाथ को उस पर पूरा भरोसा हो गया। आरोपी उनके मोबाइल का भी इस्तेमाल करता था, इसलिए रघुनाथ को उसके ऊपर किसी तरह का शक नहीं हुआ।

रिटायरमेंट के बाद रघुनाथ के SBI कोतरारोड़ के सेविंग अकाउंट में GPF, ग्रेच्युटी, अवकाश समर्पण समेत दूसरी रकम जमा हुई थी।

मकान के लिए जमीन खरीदने पहुंचे तो खुली पोल

कुछ समय बाद रघुनाथ मकान बनाने के लिए जमीन खरीदना चाहते थे। इसी सिलसिले में वह बैंक पहुंचे और अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखकर उनके होश उड़ गए।

खाते की जांच करने पर पता चला कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच कुल 47 लाख 5 हजार रुपए उनके खाते से अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। इनमें ग्रामीण बैंक, IDBI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत दूसरे बैंक खातों में भी रकम भेजी गई थी।

रघुनाथ को जब समझ आया कि उनके अकाउंट से इतनी बड़ी रकम निकल चुकी है तो उन्होंने कोतरारोड़ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की रकम बड़ी होने के कारण थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने पुलिस टीम को आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

पुलिस ने छत्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने रघुनाथ के बैंक खाते से रकम अपने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की।

चार बैंक खातों में ट्रांसफर किए पैसे

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शिक्षक के खाते से पैसे अपने HDFC बैंक, SBI, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक के खातों में भेजे थे। इसके बाद उसने इस रकम को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिया।

पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी, ATM और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। अब पुलिस इन खातों में हुए लेन-देन और रकम के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

6 साल तक भरोसे का उठाया फायदा

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक-दो बार नहीं, बल्कि लंबे समय तक शिक्षक के भरोसे का फायदा उठाया। बैंक के काम में मदद करने के दौरान उसे खाते और मोबाइल से जुड़ी जानकारी मिलती रही। इसी का फायदा उठाकर उसने अलग-अलग समय पर रकम ट्रांसफर की।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि रकम कितनी बार और किन-किन तारीखों में ट्रांसफर की गई। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन गेमिंग में रकम खर्च करने के अलावा उसका कहीं और इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

आरोपी को जेल भेजा गया

कोतरारोड़ पुलिस ने छत्रपाल सिदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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