- हाईवे ढाबों, मेडिकल स्टोर्स और वन क्षेत्रों में सघन जांच अभियान, अवैध शराब व नशीली दवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
गरियाबंद, (CITY HOT NEWS)///
कलेक्टर श्री बीएस उइके की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन (एनकॉर्ड) समन्वय समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी (नशीले) पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण तथा नशामुक्ति संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री उइके ने अवैध मादक पदार्थों, नशीली दवाओं और शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित ढाबों एवं अन्य संदिग्ध स्थानों पर आकस्मिक जांच अभियान चलाने को कहा। उन्होंने अवैध रूप से शराब विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों द्वारा कोटपा अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने शिक्षण संस्थानों के आसपास 100 मीटर के दायरे में घोषित नो-टोबैको जोन में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने अवैध रूप से नशीली एवं शेड्यूल दवाओं का विक्रय करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की सभी दवा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की स्थिति की समीक्षा की तथा जिन दुकानों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। बैठक में नशामुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, जहां नशे के आदी लोगों की संख्या अधिक है। उन्होंने समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग को समन्वय स्थापित कर लोगों को जागरूक करने, नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी तथा नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने एनडीपीएस एक्ट एवं सफेमा के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री बीएस उइके ने जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वनोपज जांच नाकों पर नियमित रूप से सघन जांच अभियान चलाया जाए तथा वनमंडल के दूरस्थ क्षेत्रों में गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने अवैध परिवहन एवं अवैध खेती के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत टोल फ्री हेल्पलाइन 14446, मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 तथा जिला पुलिस की व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94792-25884 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीवार लेखन के माध्यम से इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबरों का प्रभावी प्रचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में नशामुक्ति विषयक विशेष जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण एवं जनजागरूकता अभियान नियमित रूप से आयोजित करने को कहा।
कलेक्टर ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से स्वच्छता संदेशों के साथ नशामुक्ति एवं नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित संदेश और स्लोगन का नियमित प्रसारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक विभाग समन्वय के साथ कार्य करे तथा लोगों को नशे से दूर रहने के लिए निरंतर जागरूक किया जाए।

