अम्बिकापुर(CITY HOT NEWS)//
पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर के फार्म फॉरेस्ट्री विभाग द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं बीज आधारित हरित फेंसिंग (ग्रीन फेंसिंग) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम कुलपति प्रो. राजेन्द्र लकपाले की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि वनमंडल अधिकारी श्वेता कंबोज थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण से किया गया। इस अवसर पर कुलपति, मुख्य अतिथि, छत्तीसगढ़ वन विभाग के प्रशिक्षण अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 250 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।
वृक्षारोपण के उपरांत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ वन विभाग के विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय परिसर की खुली सीमा (बाउंड्री) पर बीज आधारित हरित फेंसिंग विकसित करने की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बीज चयन, भूमि की तैयारी, बुवाई की उपयुक्त गहराई एवं दूरी, नमी संरक्षण, अंकुरण तथा पौधों की प्रारंभिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला के पश्चात विश्वविद्यालय परिसर की खुली बाउंड्री पर तीन दिवसीय बीजारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत खुली सीमा वाले क्षेत्रों में बीजों के माध्यम से प्राकृतिक एवं स्थायी हरित फेंसिंग विकसित की जाएगी, जिससे परिसर का हरित आवरण सुदृढ़ होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का समन्वय फार्म फॉरेस्ट्री विभाग द्वारा किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. कौशल सिंह ने सभी अतिथियों, वन विभाग के विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

