
बालोद के तांदुला नहर में पिता-बेटी समेत तीन बह गए
बालोद// छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तांदुला नहर में नहाते समय पिता, बेटी और एक रिश्तेदार बच्ची तेज बहाव में बह गए। यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे ग्राम पीपरछेड़ी में हुई।
गोताखोरों ने पिता का शव बरामद कर लिया है, जबकि 12 साल की बेटी की तलाश अभी भी जारी है। वहीं, रिश्तेदार बच्ची को मौके पर मौजूद लोगों ने कूदकर बचा लिया। यह मामला बालोद थाना क्षेत्र का है।
युवक अपने ससुराल पीपरछेड़ी गांव में शादी समारोह में शामिल होने आया था। यह मामला बालोद थाना क्षेत्र का है।
पहले देखिए तस्वीरें

गोताखोरों ने काफी कोशिश के बाद पिता यमन का शव बरामद कर लिया।

नहर में डूबे पिता यमन गंजीर के शव को बरामद करने के बाद ले जाते गोताखाेर

पिता यमन गंजीर की बेटी पल्लवी के साथ तस्वीर
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, ग्राम धोबनपुरी के यमन गंजीर अपनी बेटी पल्लवी गंजीर के साथ अपने ससुराल पीपरछेड़ी गांव में शादी समारोह में आए थे। मंगलवार को वे अपनी बेटी और रिश्तेदार बच्ची दामिनी साहू के साथ पास की तांदूला नहर में नहाने गए।
इस दौरान यमन बेटी पल्लवी को नहर में स्विमिंग सिखा रहे थे। तांदुला नहर में पानी छोड़े जाने के कारण बहाव तेज था। नहाते समय तीनों को गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा और वे पानी में बह गए।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर वहां लोगों ने तत्परता दिखाई और एक बच्ची को समय रहते बचा लिया। जबकि यमन और उनकी बेटी पल्लवी कुछ ही देर में पानी में बहकर नजरों से ओझल हो गए।
तांदुला और गंगरेल बांध का पानी कम कराया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तांदुला और गंगरेल बांध से पानी का बहाव अस्थायी रूप से कम कराया गया, ताकि तलाश अभियान में मदद मिल सके।

बेटी पल्लवी की तलाश में जुटे गोताखोर
पिता का शव बरामद, बेटी की तलाश जारी
गोताखोरों ने काफी कोशिश के बाद घटना स्थल से कुछ दूरी पर पिता यमन का शव बरामद कर लिया है, जबकि उनकी बेटी पल्लवी की तलाश अभी भी जारी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यमन पीपरछेड़ी गांव के दामाद थे और ससुराल आए हुए थे। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
108 एम्बुलेंस में EMT के पद पर पोस्टेड थे यमन गंजीर
यमन बालोद जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस में ईएमटी के पद पर पोस्टेड थे। उन्होंने पहले पखांजूर क्षेत्र में भी लंबे समय तक एम्बुलेंस सेवा दी थी।
बाद में जब जय अम्बे के बाद जीवीके कंपनी को एम्बुलेंस का टेंडर मिला, तो उनकी पोस्टिंग बालोद मुख्यालय में कर दी गई। वे नई कंपनी के कर्मचारी के रूप में पिछले एक महीने से सेवा दे रहे थे।

