
बलरामपुर// छत्तीसगढ़ के सरगुजा ACB की टीम ने मंगलवार को सूरजपुर जिले में भू-अभिलेख कार्यालय के बाबू को 20 हजार और बलरामपुर में पटवारी को 13 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
सूरजपुर में क्लर्क प्रमोद यादव ने नक्शा काटने के लिए 20 हजार की रिश्वत मांगी थी। जबकि बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर तहसील के पंडरी गांव में पदस्थ पटवारी मोहन सिंह ने जमीन के बंटवारे के लिए 13 हजार की डिमांड की थी।

सूरजपुर में भू-अभिलेख कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार।
केस- 1
पहला मामला सूरजपुर के भू अभिलेख कार्यालय का है। जहां बाबू लिपिक प्रमोद यादव ने एक जमीन का नक्शा काटने के एवज में सौरभ सिंह आडिल से 20 हजार रुपए की मांग की थी। इसकी शिकायत भू-स्वामी ने ACB कार्यालय सरगुजा में की थी।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसकी जांच की। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने सूरजपुर पहुंचकर कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम 20 हजार रुपए भू-अभिलेख कार्यालय के बाबू को दिए, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, एसीबी मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
केस-2
दूसरा मामला बलरामपुर जिले के पंडरी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, प्रियांशु दुबे ने अपनी पैतृक जमीन के बंटवारे के लिए पटवारी कार्यालय में आवेदन किया था। जिसके बदले में पटवारी मोहन राम 13 हजार रुपए डिमांड कर रहा था। किसान के मना करने पर पटवारी ने काम करने से इनकार कर दिया।

शिकायत के बाद कार्रवाई
परेशान किसान ने ACB में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद ACB ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को SDP प्रमोद कुमार खेस के नेतृत्व में ACB की टीम पंडरी पहुंची। जैसे ही किसान ने पटवारी को रिश्वत की रकम दी, ACB की टीम ने उसे मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
ACB अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।


