देवर ने भाभी के बॉयफ्रेंड की हत्या की: पहले कुल्हाड़ी से युवक का सिर काटकर धड़ अलग किया, फिर शव को ड्रम में डालकर जला दिया…हड्डियों को नदी में बहाया

जशपुर// छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में देवर ने भाभी के बॉयफ्रेंड को मार डाला। आरोपी ने पहले कुल्हाड़ी से युवक का सिर काटकर धड़ अलग किया, फिर शव को ड्रम में डालकर जला दिया। पकड़े जाने के डर से हड्डियों को चूर-चूर कर नदी में बहा दिया। मामला कांसाबेल थाना क्षेत्र केमुड़ाटोली गांव का है।

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम अनिरुद्ध दास है। वह सीतापुर थाना क्षेत्र के लिचिरमा गांव का रहने वाला था। केमुड़ाटोली गांव की महिला से अफेयर था, इसलिए वह अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए आया था, लेकिन महिला के देवर ने देख लिया। वारदात को 5 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, ये वारदात 20 नवंबर की रात की है। श्याम पैकरा (30) की भाभी और प्रेमी अनिरुद्ध का अफेयर था। वह रात में मिलने के लिए मुड़ाटोली गांव आया था। इस दौरान श्याम ने अनिरुध्द को फोन पर बात करते देख लिया। उसे शक हुआ कि वह उसकी भाभी से ही बात कर रहा है।

इससे वह भड़क गया और अनिरुद्ध को मारने की साजिश रची। श्याम ने अपने दोस्त गोलू राज पैकरा (24) को फोन किया और तुरंत वहां बुलाया। गोलू के बाड़ी के पास पहुंचते ही श्याम ने अनिरुद्ध के साथ मारपीट शुरू कर दी।

इसी बीच श्याम के बुलाने पर प्रदीप और कुंदन भी वहां पहुंच गए। श्याम ने प्रदीप और कुंदन से अनिरुद्ध को पकड़ने के लिए कहा। दोनों ने अनिरुद्ध के हाथ को पकड़ लिया। इस पर गुस्से में आकर श्याम पत्थर से अनिरुद्ध के सिर को कुचल दिया।

कुल्हाड़ी से सिर को काटकर अलग किया

हमले के बाद अनिरुद्ध वहीं गिर पड़ा। इससे गोलू डर गया और वह वहां से भाग गया। श्याम ने प्रदीप और कुंदन को वहीं रुकने के लिए कहा। श्याम थोड़ी देर बात घर से कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा। श्याम ने अनिरुद्ध पर कुल्हाड़ी से हमला किया। सिर को धड़ से अलग कर दिया।

इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए तिरपाल और रस्सी लेकर आया। लाश को तिरपाल में लपेटकर स्कॉर्पियो में रखकर कोतबा के अंबा कछार के घने जंगल में दफनाया, फिर अंबा कछार से ढाई किलोमीटर दूर सिर को जमीन में गाड़ दिया और वहां से घर लौट आया।

लापता था अनिरुद्ध, पिता ने दर्ज कराई गुमशुदगी

अनिरुद्ध दास के पिता ने बताया कि बेटा 20 नवंबर 2024 को रघुनाथपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। वह 29 नवंबर को कांसाबेल थाने पहुंचे और वहां गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई।

इसी बीच पुलिस को मुड़ाटोली गांव के बारे में पता चला। पुलिस मुड़ाटोली गांव पहुंची। वहां लापता अनिरुद्ध के बारे में पतासाजी की, लेकिन कुछ खास जानकारी हाथ नहीं लगी। पुलिस गांव में लगातार जिन पर शक था, उन पर नजर रख रही थी।

आरोपी ने हड्डियों को खंडहर में छिपाया था, कुछ हड्डियों को नदी में बहा दिया था।

आरोपी ने हड्डियों को खंडहर में छिपाया था, कुछ हड्डियों को नदी में बहा दिया था।

पुलिस पहुंची गांव तो घबरा गया आरोपी

इस बीच आरोपी श्याम को पता चला कि पुलिस गांव आई है। अनिरुद्ध के बारे में पूछताछ कर रही है। पकड़े जाने के डर से श्याम ने सबूत मिटाने की साजिश रची। 17 जनवरी को श्याम अपने चचेरे भाई प्रदीप के साथ जहां धड़ को दफनाया था, वहां पहुंचा।

इसके बाद दोनों ने मिलकर धड़ को जमीन से बाहर निकला और ड्रम में डालकर जला दिया, लेकिन जब हड्डियां पूरी तरह जल नहीं पाई, तो उसे घर ले आया। हड्डियों को चूर-चूर कर रहा था, तभी आरोपी के पिता दिलबंधु साय पैकरा (70) ने देख लिया।

इस दौरान पिता ने भी बेटे की मदद की। दोनों हड्डियों के चूर को बेला घाट के खंडहर में छिपाया, फिर नदी में बहा दिया, ताकि आरोपी पकड़े न जाएं।

पुलिस को गुमराह करता रहा मुख्य आरोपी

शक के आधार पर पुलिस लगातार लोगों से पूछताछ कर रही थी, तभी गांव के लोगों ने बताया कि उससे कुछ दिन पहले श्याम पैकरा ने अनिरुध्द को पीटा था। इससे पुलिस के हाथ अहम सुराग लग गया। पुलिस ने आरोपी श्याम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन वह लगातार गुमराह करता रहा।

पुलिस ने गांववालों के दिए बयान को ठोस सबूत मानकर कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी ने वारदात की पूरी कहानी बताई। वारदात में शामिल मास्टरमाइंड श्याम पैकरा, पिता दिलबंधु पैकरा, गोलूराज पैकरा, कुन्दन पैकरा और प्रदीप पैकरा को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि 4 महीने बाद आरोपी शुक्रवार यानी 4 अप्रैल को पकड़े गए हैं। वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, पत्थर और ड्रम को बरामद कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।