जहरीली महुआ शराब पीने से सरपंच के भाई समेत 7 लोगों की मौत….4 गंभीर…

Last Updated on 3 hours by City Hot News | Published: February 8, 2025

बिलासपुर// छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जहरीली महुआ शराब पीने से सरपंच के भाई समेत 7 लोगों की मौत हो गई। जबकि 4 की हालत गंभीर है, जिनका सिम्स में इलाज जारी है। हालांकि मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी। वहीं कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच टीम गठित की है। घटना कोनी थाना क्षेत्र के लोफन्दी की है।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को पहले एक की मौत हुई, फिर दो लोगों की जान गई, तब बीमारी समझकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। फिर शुक्रवार की रात एक साथ चार लोगों की मौत हुई, तब कई दिनों से महुआ शराब पीने की सूचना मिली। मरने वाले सभी एक ही गांव के रहने वाले थे।

महुआ शराब पीने से लोगों की मौत के बाद पब्लिक की भीड़ जमा हो गई।

महुआ शराब पीने से लोगों की मौत के बाद पब्लिक की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस ने केवल एक शव का कराया पीएम

पुलिस की टीम जब गांव पहुंची, तो 3 शवों को परिजनों ने मुक्तिधाम ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन पुलिस ने इन शवों को पीएम कराने के लिए रोकने की कोशिश नहीं की। पुलिस का कहना है कि, परिजन उनके शवों का पोस्टमॉर्टम कराने​​​​​​ के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए केवल एक ही शव को पीएम के लिए भेजा गया।

लोफन्दी सरपंच के भाई की भी गई जान जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में सरपंच रामाधार सुनहले का भाई रामू सुनहले भी शामिल है। स्थानीय निवासी जैजै राम पटेल का कहना है कि, 7 से 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग सिम्स में भर्ती हैं।

सबताया जा रहा है कि जहरीली शराब पीने से उनकी मौत हुई है। पुलिस और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

पिछले 3-4 दिनों से हो रही थी मौत

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोफन्दी गांव में महुआ शराब पीने के बाद पिछले तीन-चार दिन से लोग बीमार पड़ रहे थे। इस दौरान एक-एक कर 3 लोगों की मौत हो गई, तब उन्हें यह नहीं पता चला कि, उनकी मौत शराब पीने से हुई है।

शुक्रवार को जब एक साथ चार लोगों की मौत हुई, तब जहरीली शराब पीने से मौत का पता चला। तब तक गांव में मरने वाले तीन लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। अभी एक शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।

गांव और आसपास के इलाके में बिक रही शराब

लोगों का आरोप है कि, पिछले 8-10 साल से गांव में महुआ शराब की बिक्री हो रही है। आबकारी और पुलिस की टीम आती है, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। शिकायत के बाद कभी-कभी दिखावे की कार्रवाई की जाती है। यही वजह है कि अवैध शराब की बिक्री जारी है।

कुछ भी कहने से बच रहे पुलिस अफसर

घटनास्थल पर टीआई नवीन देवांगन और एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि, मामले में जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

आबकारी विभाग छोड़ सभी मौजूद

जहरीली महुआ शराब पीने से सात लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन भी सकते में आ गया है। गांव में जिला प्रशासन से लेकर पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर निगम के अफसर मौजूद हैं। लेकिन, जिस विभाग पर अवैध शराब की बिक्री रोकने की जिम्मेदारी है, उस आबकारी विभाग के अफसर गांव नहीं पहुंचे हैं।

कांग्रेस ने 6 सदस्यीय जांच टीम बनाई

कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। विधायक दिलीप लहरिया को जांच टीम का संयोजक बनाया गया है। टीम के सदस्य प्रभावित गांव का दौरा करेंगे। वहां लोगों से चर्चा कर रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे।

दिलीप लहरियाविधायक, मस्तूरीसंयोजक
अटल श्रीवास्तवविधायक, कोटासदस्य
विजय केशरवानीपूर्व विधायक, बेलतरासदस्य
सियाराम कौशिकपूर्व विधायक, बिल्हासदस्य
रश्मि सिंहपूर्व विधायक, तखतपुरसदस्य
राजेंद्र साहूपूर्व प्रत्याशी, बेलतरासदस्य