कोरबा// कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुराने मकान को ढहाते समय एक दिहाड़ी मजदूर की दीवार से गिरकर मौत हो गई। हादसे में मजदूर के सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आई थीं।

साढ़े छह फीट ऊंची दीवार पर काम कर रहा था मजदूर
उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद काम के दौरान मजदूरों को सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराने का मामला सामने आया है।

दीवार पर काम करते समय बिगड़ा संतुलन
जानकारी के अनुसार, कुम्हार मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए पुराने मकान को तोड़कर नया मकान बनाया जाना था। गुरुवार सुबह कार्तिक दास उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे फाटक पहुंचा और वहां से दिहाड़ी मजदूरी करने वाले चार मजदूरों को काम के लिए कुम्हार मोहल्ला ले गया। इनमें उरगा थाना क्षेत्र के मड़वारानी जर्वे निवासी बीरबल सिंह कंवर भी शामिल था।
दोपहर करीब 12 बजे बीरबल साढ़े छह फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से उसके सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आईं।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने मकान मालिक प्रदीप को इसकी जानकारी दी। प्रदीप की मदद से घायल बीरबल को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को मर्च्युरी में रखवाया गया। अस्पताल पुलिस ने मेमो के आधार पर वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
बिना सुरक्षा उपकरणों के कर रहे थे काम
बताया जा रहा है कि मकान तोड़ने के दौरान मजदूरों को कोई सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया था। मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के दीवार के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान बीरबल का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। हालांकि, सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराने के संबंध में संबंधित पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

