रायपुर : सेवा संकल्प अभियान 2026 : सेवा की कहानीः आजीविका डबरी ने बदली लारंग साय की जिंदगी, मछली पालन से अर्जित किए 20 हजार रुपये तक

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान 2026 : सेवा की कहानीः आजीविका डबरी ने बदली लारंग साय की जिंदगी, मछली पालन से अर्जित किए 20 हजार रुपये तक
  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण आजीविका को मिल रहा बढ़ावा, खेती के साथ मछली पालन बना अतिरिक्त आय का जरिया
  • शासन की योजना से खेत में बनी डबरी, पहली कमाई से उत्साहित लारंग साय ने दोबारा डाला मछली बीज

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में आजीविका डबरी जैसी पहल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बकालो निवासी लारंग साय की सफलता इसकी प्रेरक मिसाल है। शासन की योजना से खेत में निर्मित आजीविका डबरी ने उन्हें खेती के साथ मछली पालन का अवसर दिया है। उन्होंने डबरी में मछली पालन कर अब तक लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित की है।

खेत में बनी डबरी तो खुल गई अतिरिक्त आमदनी की राह
लारंग साय बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थे। खेत में डबरी नहीं होने के कारण मछली पालन जैसी गतिविधि शुरू करना संभव नहीं हो पा रहा था। ग्रामीण आजीविका योजना के तहत शासन द्वारा उनके खेत में आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया। इसके बाद उन्होंने डबरी में मछली पालन शुरू किया। उचित देखभाल से मछलियां तैयार हुईं और उन्हें बाजार में बेचकर पहली बार लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी हुई। इस अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिली है। अब खेती के साथ मछली पालन भी उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन गया है।

पहली कमाई से बढ़ा आत्मविश्वास, दोबारा शुरू किया मछली पालन
मछली पालन से मिली पहली आमदनी ने लारंग साय का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि इस व्यवसाय में आगे भी अच्छी संभावनाएं हैं। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने डबरी में दोबारा मछली बीज डाला है। मछलियों के तैयार होने के बाद उन्हें बाजार में बेचकर और अधिक आय अर्जित करने की योजना है। उनका कहना है कि शासन की सहायता से खेत में डबरी बनने के बाद उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग संभव हुआ है। अब वे खेती के साथ मछली पालन से भी परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
लारंग साय ने बताया कि शासन की योजना ने उन्हें आजीविका का नया अवसर प्रदान किया है। पहले जहां खेती ही आय का प्रमुख साधन थी, वहीं अब मछली पालन से अतिरिक्त कमाई हो रही है। उन्होंने इस सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

जल संरक्षण के साथ ग्रामीण स्वरोजगार को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों का विस्तार कर किसानों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आजीविका डबरी जैसी पहल जल संरक्षण के साथ उपलब्ध संसाधनों का उपयोग आयमूलक गतिविधियों में करने का अवसर प्रदान कर रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को कृषि के अतिरिक्त मछली पालन जैसे व्यवसायों से जुड़ने का प्रोत्साहन मिल रहा है।
सरगुजा के लारंग साय की सफलता दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का लाभ मिलने और स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग करने से ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसे सकारात्मक बदलाव ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तीकरण की नई संभावनाओं को साकार कर रहे हैं।

Chhattisgarh