रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : समय पर जांच और नियमित उपचार से हेमबती ने कुष्ठ रोग को दी मात

 सेवा संकल्प अभियान : समय पर जांच और नियमित उपचार से हेमबती ने कुष्ठ रोग को दी मात
  • 12 महीने तक नियमित दवाओं के सेवन से हुईं स्वस्थ, जागरूकता और सही उपचार से मिला नया जीवन
  • हेमबती ने कहा- त्वचा पर असामान्य दाग या सुन्नपन होने पर तुरंत कराएं जांच

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

समय पर बीमारी की पहचान और नियमित उपचार से कुष्ठ रोग को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल अंतर्गत ग्राम छापरभानपुरी निवासी हेमबती ने इसे सच कर दिखाया है। स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन और 12 महीने तक नियमित उपचार से उन्होंने कुष्ठ रोग को मात दी है। उनकी यह कहानी बताती है कि जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सहायता से गंभीर बीमारियों का भी सफल उपचार संभव है।

      हेमबती के हाथों और गले पर कुछ समय पहले त्वचा के सामान्य रंग से अलग दाग दिखाई देने लगे थे। शुरुआत में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने के कारण उन्होंने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे प्रभावित हिस्सों में सुन्नपन और हाथ-पैरों की नसों में झनझनाहट महसूस होने लगी। लक्षण बढ़ने पर उन्होंने अपने गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई।

      आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ने प्राथमिक जांच के बाद कुष्ठ रोग की आशंका जताते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल भेजा। यहां चिकित्सकों ने त्वचा, नसों और अन्य आवश्यक जांच के बाद कुष्ठ रोग की पुष्टि की। स्वास्थ्य कर्मियों ने हेमबती को बीमारी के संबंध में जानकारी देते हुए नियमित उपचार से स्वस्थ होने का भरोसा दिलाया।

      चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार हेमबती ने लगातार 12 महीने तक निर्धारित दवाओं का सेवन किया और समय-समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराती रहीं। स्वास्थ्य कर्मियों के मार्गदर्शन और नियमित उपचार से उन्होंने इलाज का पूरा कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया। अब वे स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।

      हेमबती बताती हैं कि शुरुआत में बीमारी की जानकारी मिलने पर उन्हें चिंता हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने समझाया कि कुष्ठ रोग का उपचार संभव है और नियमित दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने उपचार के दौरान सहयोग और मार्गदर्शन के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

      हेमबती ने लोगों से अपील की है कि त्वचा पर असामान्य दाग, प्रभावित हिस्से में सुन्नपन या नसों में झनझनाहट जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि बीमारी छिपाने या उपचार में देरी करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

      स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुष्ठ रोग का उपचार बहुऔषधि चिकित्सा (एमडीटी) से किया जाता है। रोग के प्रकार के अनुसार सामान्यतः 6 अथवा 12 महीने का उपचार निर्धारित किया जाता है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। हेमबती की सफलता कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने का प्रेरक उदाहरण है।

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