बलौदाबाजार// छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जमानत पर रिहा हुए 9 आरोपियों ने कारों का काफिला निकालकर रैली की। इस दौरान उन्होंने स्टंटबाजी करते हुए रील बनाई, जिसमें कुछ आरोपी कार की खिड़कियों से बाहर लटकते नजर आए। आरोपियों ने सड़क पर जमकर हुड़दंग मचाया।

इस दौरान उन पर राहगीरों के साथ मिसबिहेव करने का भी आरोप है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रैली निकालने के बाद कुछ युवक कार सवारों का माला पहनाकर स्वागत करते दिखाई दिए। आतिशबाजी भी की गई और जश्न मनाते नजर आए।
पुलिस ने मौके पर रेड मारकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट कतई नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामला भाटापार शहर थाना क्षेत्र का है।
वहीं, स्टंट और रीलबाजी से जुड़ा दूसरा मामला दुर्ग जिले से भी सामने आया, जहां नई स्कूटी पर बैठकर सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन करने और हथियार लहराते हुए वीडियो बनाने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
देखिए पहले ये तस्वीरें-

आरोपियों ने स्टंटबाजी करते हुए रील बनाई।

कुछ आरोपी कार की खिड़कियों से बाहर लटकते नजर आए।

आरोपियों ने सड़क पर जमकर हुड़दंग भी मचाया।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक आरोपियों का नाम आदित्य साहू (22), सागर धीवर (27), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21), वसीम अली (20), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25), सागर यादव (24), आशीष ध्रुव (21), हेमंत भाट (20) और ओम ध्रुव (20) है।
सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट, हुड़दंग, सार्वजनिक शांति भंग करने, आपराधिक साजिश रचने और सामूहिक रूप से अपराध करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग समय पर जेल भेजा गया था।

कारों का काफिला निकालकर रैली की।
जमानत के बाद मचाया हुड़दंग
5 जून की रात सभी आरोपी जेल से रिहा हुए। रात करीब 10 बजे उन्होंने कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पर कार-बाइकों की रैली निकाली। इस दौरान आरोपियों ने हुड़दंग मचाया और मोहल्ले के लोगों के साथ बदसलूकी की
आरोपियों ने इस हुड़दंग का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्शन में आई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस बोली- जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट नहीं
सभी के खिलाफ BNS की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्होंने न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एसपी ओपी शर्मा ने कहा कि जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट नहीं है।
ऐसी हरकतें कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि दोबारा सजा को न्योता देने जैसी हैं। खौफ फैलाने वाली रैलियां निकालने और सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धारदार हथियार के साथ रील बनाकर वायरल किया।

