सरकारी आवासीय एकलव्य स्कूल के कंप्यूटर टीचर पर छात्राओं ने छेड़छाड़ का लगाया आरोप…2 साल से कंप्यूटर प्रैक्टिकल के बहाने कर रहा था अश्लील हरकतें..अपराध दर्ज..

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बीजापुर// छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के एक सरकारी आवासीय एकलव्य स्कूल में कंप्यूटर टीचर देवेंद्र दय्या पर 7 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। छात्राओं का कहना है कि शिक्षक 2 साल से कंप्यूटर प्रैक्टिकल के बहाने उनसे अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने और बदनाम करने की धमकी देता था।

छात्राओं ने प्रिंसिपल से कई बार शिकायत की, लेकिन उन्होंने मामला दबाने की कोशिश की। आरोप है कि प्रिंसिपल ने छात्राओं को चुप रहने और किसी को बताने पर स्कूल से निकालने की धमकी भी दी। आखिरकार एक छात्रा ने परिजन को आपबीती सुनाई।

शनिवार को परिजन छात्रा को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर से शिकायत की। इसके बाद शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

परिजन का कहना है कि पीड़ित छात्राओं की संख्या 7 से अधिक हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि महिला पुलिस अधिकारियों और बाल संरक्षण इकाई की मौजूदगी में स्कूल की सभी छात्राओं की गोपनीय काउंसलिंग और बयान दर्ज किए जाएं। यह मामला भोपालपटनम थाना क्षेत्र का है।

बीजापुर के सरकारी आवासीय एकलव्य विद्यालय कंप्यूटर टीचर देवेंद्र दय्या पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप

बीजापुर के सरकारी आवासीय एकलव्य विद्यालय कंप्यूटर टीचर देवेंद्र दय्या पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप

एक छात्रा की मां ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 को परिजन ने भोपालपटनम थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि स्कूल के कंप्यूटर टीचर देवेंद्र दय्या ने गलत नीयत से छात्रा को आपत्तिजनक तरीके से छुआ और छेड़छाड़ की।

शिकायत में यह भी बताया गया कि टीचर ने अलग-अलग मौकों पर ऐसी हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने इसका विरोध किया। शिकायत के बाद भोपालपटनम पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिजन ने भोपालपटनम थाने में कंप्यूटर टीचर के खिलाफ लिखित शिकायत दी।

परिजन ने भोपालपटनम थाने में कंप्यूटर टीचर के खिलाफ लिखित शिकायत दी।

परिजनों ने रखीं 3 प्रमुख मांगें

परिजन ने प्रशासन के सामने 3 प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्राओं के बयान महिला पुलिस अधिकारियों और बाल संरक्षण इकाई की मौजूदगी में गोपनीय तरीके से दर्ज किए जाएं।

इसके अलावा पूरे हॉस्टल की छात्राओं की गोपनीय काउंसलिंग कराने की मांग की गई है, ताकि अगर किसी अन्य छात्रा के साथ भी ऐसी घटना हुई है तो वह सामने आ सके।

साथ ही, आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के साथ प्रिंसिपल की भूमिका की भी जांच करने और शिकायत दबाने की बात सही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग की है।

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम कर रही जांच

शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए उनके बयान और काउंसलिंग की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है।

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