
- पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से बदली घर की बिजली व्यवस्था, 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाकर बिजली खर्च से मिली बड़ी राहत
- केंद्र सरकार से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी, कुल 1.08 लाख रुपये की सहायता से सौर ऊर्जा अपनाना हुआ आसान
- घर की जरूरतें पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भी भेज रहे पंकज, कई बार बिजली खाते में दिखाई देता है क्रेडिट बैलेंस
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
कभी गर्मी के दिनों में हर महीने 4 से 5 हजार रुपये तक आने वाला बिजली बिल सरगुजा जिले के श्री पंकज साहू के लिए चिंता का कारण बना हुआ था। लेकिन अब उनके घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ उन्हें इस खर्च से राहत दिला रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कराने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं, घर की जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजने से कई बार उनके बिजली खाते में क्रेडिट बैलेंस भी दिखाई देता है।
अम्बिकापुर के बिलासपुर रोड स्थित मठपारा निवासी पंकज साहू की यह सफलता बताती है कि सौर ऊर्जा का उपयोग घरेलू बिजली खर्च कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। केंद्र और राज्य सरकार से मिली कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी ने उनके लिए सोलर सिस्टम लगवाना अधिक किफायती बना दिया है।
पहले गर्मी में आता था 4 से 5 हजार रुपये का बिल, अब मिली राहत
पंकज साहू बताते हैं कि पहले उनके घर में बिजली की खपत अधिक होने के कारण गर्मी के मौसम में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। घरेलू खर्चों के साथ बिजली बिल की यह राशि परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ डालती थी।
बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पाने के लिए उन्होंने पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना की जानकारी प्राप्त की। योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर मिलने वाली सब्सिडी और बिजली बिल में संभावित बचत को देखते हुए उन्होंने आवेदन करने का निर्णय लिया।
पंकज ने योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया और अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कराया। इसके बाद उनके घर की बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आया। अब सोलर सिस्टम से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू जरूरतों को पूरा करने में हो रहा है। इससे ग्रिड से ली जाने वाली बिजली पर निर्भरता कम हुई है और उनका बिजली बिल शून्य तक पहुंच गया है।
1.08 लाख रुपये की सब्सिडी से सोलर सिस्टम लगवाना हुआ आसान
पंकज साहू बताते हैं कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम स्थापित कराने पर उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।
इस प्रकार उन्हें कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। पंकज के अनुसार, आवेदन करने के लगभग एक से डेढ़ महीने के भीतर केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो गई। इस आर्थिक सहयोग से सोलर सिस्टम स्थापित कराने का खर्च कम हुआ और उनके लिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाना आसान बन गया।
पंकज का कहना है कि सब्सिडी मिलने से आम उपभोक्ताओं के लिए भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना अधिक किफायती हो सकता है। इससे घर की बिजली संबंधी जरूरतें पूरी करने के साथ लंबे समय तक बिजली खर्च में बचत का अवसर मिलता है।
बिजली बिल हुआ शून्य, अतिरिक्त उत्पादन से खाते में क्रेडिट भी
पंकज साहू के घर में स्थापित 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम दिन के समय बिजली उत्पादन करता है। इससे घरेलू बिजली संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है।
वे बताते हैं कि जब सोलर सिस्टम से घर की आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न होती है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जाती है। इसका समायोजन बिजली वितरण कंपनी की लागू बिलिंग व्यवस्था और नियमों के अनुसार होता है।
पंकज के अनुसार, सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और अब बिल शून्य तक पहुंच गया है। कई बार अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजे जाने के कारण उनके बिजली खाते में क्रेडिट बैलेंस भी दिखाई देता है। पहले हर महीने बिजली बिल के रूप में खर्च होने वाली राशि में अब बचत हो रही है। इससे परिवार के घरेलू बजट को राहत मिली है।
बिजली खर्च में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा
रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने से पंकज साहू को आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के उपयोग का अवसर भी मिला है। सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन होने के कारण दिन के समय घर की बिजली संबंधी जरूरतों के लिए ग्रिड पर निर्भरता कम हुई है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की व्यवस्था से उत्पादित ऊर्जा का उपयोग भी बेहतर ढंग से हो रहा है।
पंकज का अनुभव दर्शाता है कि घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करना बिजली खर्च कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी पहल हो सकती है।
पहले हजारों रुपये बिजली बिल आता था, अब बिल शून्य हो गया है
अपने अनुभव साझा करते हुए पंकज साहू बताते हैं कि पहले गर्मी के दिनों में उनके घर का बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह आता था। पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से सोलर सिस्टम लगवाने के बाद अब उन्हें बिजली बिल के खर्च से बड़ी राहत मिली है।
उनका कहना है कि सोलर सिस्टम से घर की बिजली संबंधी जरूरतें पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने का लाभ भी मिल रहा है। पंकज अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी योजना की जानकारी प्राप्त करने और पात्रता के अनुसार इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी से सोलर सिस्टम लगवाने का आर्थिक बोझ कम होता है और बिजली खर्च में बचत की संभावना बढ़ती है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
पंकज साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर- मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सोलर सिस्टम स्थापित कराने और केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि योजना से उन्हें बिजली के बढ़ते खर्च से राहत मिली है। अब उनके घर में सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन हो रहा है और बिजली बिल में बड़ी बचत हो रही है।
बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बनने तक, पंकज की सफलता बनी प्रेरणा
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंकज साहू की सफलता की कहानी स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक बचत के दोहरे लाभ को सामने लाती है। कभी हर महीने हजारों रुपये बिजली बिल चुकाने वाले पंकज अब अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम और केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी ने उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाने की राह आसान बनाई है।
पंकज साहू की यह सफलता दर्शाती है कि पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता बिजली के खर्च में राहत पाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन सकते हैं। उनके घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम आज बिजली बिल में बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद का आधार बन गया है।

