
- 821 परिवारों के घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल, महिलाओं को मिली पानी लाने की मशक्कत से राहत
रायपुर(CITY HOT NEWS)//

सक्ती जिले के डभरा विकासखंड का ग्राम किरारी कभी यहां सुबह की शुरुआत घर से दूर पानी की तलाश के साथ होती थी। परिवार के लिए पीने का पानी जुटाना महिलाओं की दिनचर्या का बड़ा हिस्सा था। गर्मियों में परेशानी और बढ़ जाती थी। हैंडपंप और कुओं के पास लगने वाली कतारों में ग्रामीणों का काफी समय बीत जाता था। आज इसी गांव की तस्वीर बदल चुकी है। अब घरों में लगे नल से नियमित स्वच्छ पेयजल मिल रहा है और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पहले से कहीं अधिक आसान हुई है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह बदलाव की कहानी जल जीवन मिशन की है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित मिशन के माध्यम से ग्राम किरारी की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। सक्ती जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में अब 821 परिवार नल से पेयजल की सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं।
किरारी में पहले पेयजल के लिए ग्रामीणों को हैंडपंप और कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर महिलाओं को परिवार की आवश्यकता के लिए कई बार पानी लेने जाना पड़ता था। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों पर लंबी कतारें लगने से समस्या और बढ़ जाती थी। पानी जुटाने में लगने वाले समय का असर घरेलू कामकाज, आजीविका और बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ता था। स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।
जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइप जल प्रदाय योजना स्वीकृत होने के बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। उच्चस्तरीय जलागार का निर्माण किया गया, जलस्रोत विकसित किए गए और गांव में पाइपलाइन बिछाई गई। इसके बाद प्रत्येक परिवार को घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ा गया।योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम किरारी के 821 परिवारों तक नल से पानी पहुंचने लगा। योजना के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 55 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से पानी की आपूर्ति की जा रही है।पेयजल व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर टिकाऊ बनाने के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (टॅैब्) का गठन भी किया गया है। समिति को योजना के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। इससे गांव में पेयजल व्यवस्था के प्रबंधन में स्थानीय सहभागिता भी सुनिश्चित हुई है।
इस बदलाव को ग्राम किरारी की श्रीमती करम बाई निषाद की दिनचर्या में आसानी से महसूस किया जा सकता है। पहले परिवार के लिए पानी जुटाने में उनका काफी समय और मेहनत लगती थी। कई बार उन्हें दिन में कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे परिवार की देखभाल और आजीविका से जुड़े दूसरे कामों के लिए समय कम बचता था।
अब घर में नल कनेक्शन होने से उनकी दिनचर्या बदल गई है। पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और बचा हुआ समय वे परिवार तथा आजीविका के कामों में लगा पा रही हैं।
श्रीमती करम बाई निषाद बताती हैं, “पहले रोज कई बार पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था। अब घर के नल से पानी मिल जाता है। इससे समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं और परिवार की देखभाल व आजीविका के काम के लिए अधिक समय मिल पा रहा है।”
किरारी में जल जीवन मिशन का प्रभाव केवल घरों तक पानी पहुंचने तक सीमित नहीं है। पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत से विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिली है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ने बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में भी गांव को आगे बढ़ाया है।गांव में जल संरक्षण, स्वच्छता और जल गुणवत्ता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। स्थानीय समिति की भागीदारी से ग्रामीणों में उपलब्ध जलस्रोतों और पेयजल व्यवस्था के संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव मजबूत हुआ है।
कभी पानी के लिए दूर तक जाने वाले किरारी के परिवारों के लिए आज घर का नल सुविधा और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन गया है। जल जीवन मिशन ने गांव में ‘हर घर जल’ के संकल्प को साकार करते हुए ग्रामीण जीवन में समय, श्रम और सुविधा के स्तर पर महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।योजना से लाभान्वित श्रीमती करम बाई निषाद सहित ग्रामवासियों ने घर-घर स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

