- ’340 नमूने प्राप्त और 265 के परिणाम घोषित’
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग की प्रयोगशालाओं द्वारा उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण कार्यों को नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम के दौरान कुल 650 नमूनों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 340 नमूने प्राप्त हो चुके हैं, इनमें से 265 नमूनों के परीक्षण परिणाम जारी किए जा चुके हैं, जबकि 75 नमूनों पर परीक्षण की प्रक्रिया अभी जारी है।
’जैव एवं जैविक उर्वरक प्रयोगशाला रायपुर’
यहाँ पर्याप्त मात्रा में आवश्यक रसायन, यंत्र और उपकरण उपलब्ध हैं। कुल 13 स्वीकृत पदों में से 07 पद भरे हुए हैं, और तकनीकी कार्यों के लिए एक सहायक संचालक कृषि तथा एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।
’सीड लॉ एनफोर्समेंट प्रयोगशाला’
यहाँ उपकरणों की स्थापना का कार्य पूर्ण हो चुका है और 2 प्रशिक्षित कर्मचारी बीज विश्लेषण में जुटे हैं। प्रतिवर्ष लगभग 7,000 बीज नमूनों के परीक्षण को देखते हुए अतिरिक्त मानव संसाधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हाइब्रिड सीड टेस्टिंग को मजबूत करने के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की कार्ययोजना
स्वीकृत की गई है।
’कीटनाशी एवं बायोपेस्टिसाइड गुण नियंत्रण प्रयोगशालाएँ’
दोनों प्रयोगशालाओं के लिए आवश्यक यंत्र व उपकरण (एचपीसीएल सहित) क्रय कर सुरक्षित रख लिए गए हैं। कीटनाशी प्रयोगशाला में 12 स्वीकृत पदों में से 2 पर पदस्थापना है, जबकि बायोपेस्टिसाइड प्रयोगशाला के सुचारू संचालन और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
’उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला (रायगढ़)’
रायगढ़ स्थित इस प्रयोगशाला का भवन तैयार है और उपकरण भी खरीदे जा चुके हैं। कुल 12 स्वीकृत पदों में से 10 पद रिक्त हैं, जिनकी भर्ती के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। विभाग जल्द ही पूरी प्रक्रिया को पूर्ण कर विश्लेषण कार्य शुरू करने की दिशा में अग्रसर है।

