महासमुंद : सेवा की कहानी : जमीन की रजिस्ट्री में अंगिता और श्वेता को मिली छूट

महासमुंद : सेवा की कहानी : जमीन की रजिस्ट्री में अंगिता और श्वेता को मिली छूट

  • बचत राशि से परिवार की आवश्यकता और बच्चों की शिक्षा को मिलेगा संबल

 महासमुंद (CITY HOT NEWS)//

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों के हित में संचालित पारदर्शी, सुलभ एवं जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विशेष रूप से महिलाओं को जमीन की रजिस्ट्री में दी जा रही छूट आर्थिक राहत के साथ उन्हें संपत्ति के स्वामित्व और परिवार के भविष्य को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान कर रही है। महासमुंद जिले में पंजीयन विभाग के माध्यम से संपन्न हुए दो भूमि पंजीयन प्रकरण इस सफलता और उसके प्रत्यक्ष लाभ को दर्शाते हैं।
जिले के प्रथम प्रकरण में मुडियाडीह निवासी श्रीमती बैसाखिन द्वारा विक्रय की गई ग्राम खट्टी स्थित 0.06 हेक्टेयर भूमि का क्रय बरछा निवासी श्रीमती अंगिता चंद्राकर ने किया। इस भूमि की रजिस्ट्री के दौरान उन्हें स्टाम्प शुल्क में 2,700 रुपये तथा पंजीयन शुल्क में 5,400 रुपये की छूट प्राप्त हुई। इस प्रकार कुल 8,100 रुपये की बचत हुई। यह राशि उनके परिवार की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया में मिली इस राहत से क्रेता को संपत्ति क्रय के दौरान होने वाले खर्च में कमी का लाभ मिला। द्वितीय प्रकरण में महासमुंद निवासी श्रीमती अनीता द्वारा विक्रय की गई महासमुंद स्थित 1,200 वर्गफीट भूमि का क्रय बिहार के गया निवासी श्रीमती श्वेता एनेस्की ने किया। पंजीयन के दौरान उन्हें स्टाम्प शुल्क में 3,350 रुपये और पंजीयन शुल्क में 6,700 रुपये की छूट मिली। इस प्रकार उन्हें कुल 10,050 रुपये की बचत हुई। श्रीमती श्वेता एनेस्की ने इस बचत राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और बेहतर शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही है।
शासन की इस जनकल्याणकारी प्रक्रिया से लाभान्वित श्रीमती अंगिता चंद्राकर एवं श्रीमती श्वेता एनेस्की ने रजिस्ट्री में मिली आर्थिक छूट और सरल पंजीयन प्रक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की। दोनों हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को दी जा रही यह राहत परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उपयोगी है।
पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के साथ रजिस्ट्री के उपरांत स्वचालित एवं त्वरित नामांतरण की व्यवस्था भी हितग्राहियों के लिए राहत है। इससे नामांतरण की प्रक्रिया के लिए बार-बार पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी कम होती है। प्रक्रिया में सुगमता, पारदर्शिता और समय की बचत से आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुविधाजनक तरीके से मिल रहा है।

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