जगदलपुर// छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के तत्कालीन DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत ने 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया है।
मामले की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सुभाष गंजीर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान 8.71 लाख कैश, करीब 500 ग्राम सोने के आभूषण और संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।
जांच एजेंसी को करीब 40 संपत्तियों और 3 मकानों से जुड़े दस्तावेज भी मिले थे। जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। जांच में करीब 40 संपत्तियों और 3 मकानों से जुड़े कागजात भी मिले थे।

दंतेवाड़ा DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) सुभाष गंजीर को 4 साल कैद की सजा।
जानिए कब हुई थी कार्रवाई
जांच के बाद ACB ने सुभाष गंजीर को 26 मई 2018 को गिरफ्तार किया था। उन्हें 5 जुलाई 2018 को जमानत मिल गई थी। मामले में 21 जून 2018 को चार्जशीट पेश की गई थी। इसके बाद 23 जुलाई 2018 को कोर्ट ने आरोप तय किए थे। कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत मामला चलाया गया।
आय से 88.30% ज्यादा संपत्ति मिली
कोर्ट के फैसले के अनुसार सुभाष गंजीर के पास उनकी आय से 88.30% ज्यादा संपत्ति मिली थी। कोर्ट ने मामले में पेश किए गए सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर उन्हें दोषी माना। इसके बाद 31 अगस्त 2026 को कोर्ट ने उन्हें 4 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में स्पेशल कोर्ट ने DEO को दोषी माना है।
मामले में ACB की ओर से सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं के आधार पर अपना पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने सुभाष गंजीर को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

